एटीएम का गलत पिन बताने पर ऑटो गैंग ने कर दी थी इंजीनियर की हत्या
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर में सक्रिय ऑटो गैंग ने सॉफ्टवेयर इंजीनियर की हत्या की थी। पांच बदमाशों को गिरफ्तार कर पुलिस ने घटना का खुलासा करने का दावा तो किया है, लेकिन ऑटो गैंग कब तक शहर में सक्रिय रहेंगे, इसका जवाब पुलिस के पास नहीं है।
वारदात को 6 बदमाशों ने अंजाम दिया था। एक पुलिस की गिरफ्त से दूर है। इनके पास से ऑटो, बाइक, व मोबाइल बरामद किया गया है। मूलरूप से मुरादाबाद निवासी व पांडव नगर, दिल्ली में रह रहे शैलेंद्र रोहिल्ला सेक्टर-62 स्थित मल्टी नेशनल कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे।
22 जुलाई की रात सेक्टर-62 स्थित ऑफिस से घर जाने के लिए एनएच-24 पर वह ऑटो का इंतजार कर रहे थे। इसी बीच एक ऑटो आकर रुका, जिसमें ऑटो चालक समेत चार लोग थे।
उन लोगों ने शैलेंद्र को घर छोड़ने के लिए बैठा लिया। थोड़ी दूर चलने के बाद दो अन्य साथी बाइक से आ गए। बदमाशों ने उनसे एटीएम कार्ड लूट लिया। शैलेंद्र ने उन्हें गलत पिन बताया तो बदमाशों ने उनसे मारपीट की।
बदमाशों ने लेबर चौक स्थित एक एटीएम से रुपये निकालने का प्रयास किया। यहां उनकी तस्वीर बूथ में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। दो बार पिन गलत बताने पर बदमाशों ने लोहे के पाने से सिर पर वार कर शैलेंद्र को मौत के घाट उतार दिया।
एटीएम में रुपये निकालने जाना पड़ा महंगा
बदमाशों ने सात सौ रुपये और मोबाइल लूटकर उन्हें सेक्टर-62 स्थित पीर वाली गली में फेंक दिया। एसएसपी धर्मेंद्र सिंह ने का कहना है कि बदमाशों ने इंजीनियर से लूटपाट करने के लिए हत्या की थी।
बदमाशों को शराब पीने के लिए रुपये चाहिए थे। गिरफ्तार किए गए बदमाशों की पहचान मसूरी निवासी आजाद, सोनू ,वसीम, दिलशाद, हापुड़ निवासी नासिर के रूप में हुई है।
जिस ऑटो में इंजीनियर की हत्या की गई है व सोनू का है। वह गाजियाबाद से डासना के बीच ऑटो चलाता है। वहीं, फरार आरोपी का नाम हापुड़ निवासी अंकित है। एसएसपी ने घटना का खुलासा करने वाली टीम को पांच हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है और जल्द ही फरार आरोपी को पकड़ने की बात कही है।
एटीएम में रुपये निकालने जाना पड़ा महंगा
बदमाश जब लेबर चौक स्थित एटीएम बूथ में रुपये निकालने गए तो गलत पिन डालने से रुपये नहीं निकले। बूथ में सीसीटीवी कैमरे में दो बदमाशों की तस्वीर कैद हो गई और गलत पिन नंबर डालने पर एटीएम की लोकेशन का मेसेज आ गया।
सात घंटे सड़क पर रहा शव और पुलिस रही नदारद
पुलिस जांच के दौरान जब शैलेंद्र की कॉल व मेसेज डिटेल खंगाली गई तो एटीएम का पता पुलिस को मिला। वहां जाकर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज से बदमाशों की पहचान कर ली।
सात घंटे सड़क पर रहा शव, पुलिस रही नदारद
22 जुलाई की रात करीब 11 बजे शैलेंद्र को उनके साथी अंकुर ने सेक्टर-62 स्थित रेड लाइट पर छोड़ दिया था। शनिवार सुबह करीब साढ़े 6 बजे यानी सात घंटे बाद नोएडा पुलिस को शैलेंद्र का शव मिला।
इससे पता चलता है कि सेक्टर-58 पुलिस की कोई भी पीसीआर वैन ने इलाके में गश्त नहीं की। रात भर शव सड़क पर पड़ा रहा, लेकिन पुलिस की नजर उस पर नहीं गई। शनिवार सुबह स्थानीय लोगों ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी थी उसके बाद मौके पर पुलिस पहुंची और शव बरामद किया।
कहां गई पुलिस की मुहिम
शहर में दौड़ने वाले ऑटो पर नंबरिंग की मुहिम पुलिस ने चला रखी थी जिससे पुलिस ने दावा किया था कि ऑटो चालकों व ऐसे गैंग पर आसानी से नजर रखी जाएगी।
लेकिन, लगातार ऑटो गैंग शहर में सक्रिय हैं और आए दिन वारदात अंजाम दे रहे हैं। पुलिस इन पर शिकंजा नहीं कस पा रही है। घटनाओं से लगता है कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट सुरक्षित नहीं है।