{"_id":"580a2f864f1c1b592c705fb6","slug":"delhi-police-personal-commit-suicide-after-family-dispute","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"पारिवारिक कलह में दिल्ली पुलिस के सिपाही ने फांसी लगाई","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पारिवारिक कलह में दिल्ली पुलिस के सिपाही ने फांसी लगाई
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 22 Oct 2016 12:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
साकेत इलाके के लाडो सराय में दिल्ली पुलिस के एक सिपाही ने पारिवारिक कलह के कारण फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। मृतक की शिनाख्त सुभाष (42) के रूप में हुई है। पुलिस को मृतक के पास से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है।
विज्ञापन
नोट में सुभाष ने अपने दो सालों और सास-ससुर को मौत के लिए जिम्मेदार बताया है। पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार पर दोनों साले पंकज, अमित, सास प्रेमवति और ससुर राजकुमार के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। परिजनों से पूछताछ कर पुलिस मामले की छानबीन कर रही रही है।
विज्ञापन
पुलिस के मुताबिक सुभाष अपने परिवार के साथ एफ-270, लोडा सराय में रहता था। इसके परिवार में पिता रतन सिंह, मां दो भाई व बहन हैं। फिलहाल पिछले कुछ सालों से सुभाष साकेत थाने में सिपाही तैनात था। वर्ष 2007 में सुभाष की मालवीय नगर निवासी हेमलता से शादी हुई थी।
विज्ञापन
इनके यहां छह साल का एक बेटा लक्षित है। परिजनों के मुताबिक शादी के कुछ ही दिनों बाद सुभाष व उसकी पत्नी हेमलता के बीच अनबन रहने लगी। हेमलता और उसका परिवार सुभाष व उसके परिवार को दहेज के मामले में फंसाने की धमकी देने लगा। सुभाष व उसके परिवार के खिलाफ थाने में दहेज उत्पीडन की शिकायत भी कर दी गई। जिसके बाद इसी साल सुभाष के खिलाफ मामला भी दर्ज हो गया।
परिवार के मुताबिक पत्नी और ससुराल वालों के रवैया से सुभाष काफी परेशान रहता था। इसी वजह से वह पिछले कुछ दिनों से थाने से भी छुट्टी पर चल रहा था। बृहस्पतिवार शाम के समय सुभाष का भाई दूसरी मंजिल स्थित उसके कमरे में पहुंचा तो उसने भाई को पंखे से लटका पाया।
मामले की सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस को सुभाष की जेब से एक हिन्दी में लिखा सुसाइड नोट मिला, जिसमें उसने ससुराल वालों को मौत के लिए जिम्मेदार बताते हुए अपने घर वालों को परेशान न करने की पुलिस से गुहार लगाई। पुलिस ने शुक्रवार दोपहर को पोस्टमार्टम के बाद सुभाष का शव परिजनों को सौंप दिया है।
प्रार्थना पत्र की शक्ल में छोड़ा सुसाइड नोट...
सुसाइड करने हेतू प्रार्थना पत्र, महोदय निवेदन इस प्रकार है कि मेरी ससुराल वालों ने मुझे काफी डिप्रेस किया है,पंकज, अमित, प्रेमवति और राजकुमार ने मेरा जीना हराम कर दिया है, मैं डिप्रेशन व बीमारियों के कारण सुसाइड कर रहा हूं। मेरे भाई व बहन, माता-पिता का इसमें कोई दोष नहीं है, सुसाइड मैं अपनी मर्जी से कर रहा हूं। जी हां मरने से पूर्व सुभाष ने प्रार्थना पत्र की शक्ल में हिन्दी में लिखा अपना सुसाइड नोट छोड़ा। जिसके बाद पुलिस अधिकारियों ने दोनों सालों और सास-ससुर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। छानबीन के बाद पुलिस उनको गिरफ्तार कर सकती है।
बेटे से न मिल पाने से रहता था दुखी...
झगड़ा करने के बाद सुभाष की पत्नी हेमलता अपने मालवीय नगर स्थित मायके में जाकर रहने लगी थी। उसका छह वर्षीय बेटा लक्षित भी उसके साथ ही रह रहा था। परिजनों का आरोप है कि हेमलता सुभाष को अपने बेटे से भी मिलने नहीं देती थी। जिसकी वजह से वह काफी परेशान रहने लगा था। पिछले करीब दो तीन सालों से वह काफी परेशान रहने लगा था। थाने में साथ करने वाले उसके साथियों ने बताया कि पिछले काफी समय से सुभाष को लोगों ने हंसते हुए भी नहीं देखा था। अब पिछले कुछ दिनों से वह इतना परेशान था। जिसकी वजह से वह थाने भी नहीं आ पा रहा था। बृहस्पतिवार शाम को शायद इसी दबाव की वजह से उसने फांसी लगा ली।
ससुराल वालों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी गई है, जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।-ईश्वर सिंह, दक्षिण जिला पुलिस उपायुक्त
बेटे से न मिल पाने से रहता था दुखी...
झगड़ा करने के बाद सुभाष की पत्नी हेमलता अपने मालवीय नगर स्थित मायके में जाकर रहने लगी थी। उसका छह वर्षीय बेटा लक्षित भी उसके साथ ही रह रहा था। परिजनों का आरोप है कि हेमलता सुभाष को अपने बेटे से भी मिलने नहीं देती थी। जिसकी वजह से वह काफी परेशान रहने लगा था। पिछले करीब दो तीन सालों से वह काफी परेशान रहने लगा था। थाने में साथ करने वाले उसके साथियों ने बताया कि पिछले काफी समय से सुभाष को लोगों ने हंसते हुए भी नहीं देखा था। अब पिछले कुछ दिनों से वह इतना परेशान था। जिसकी वजह से वह थाने भी नहीं आ पा रहा था। बृहस्पतिवार शाम को शायद इसी दबाव की वजह से उसने फांसी लगा ली।
ससुराल वालों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी गई है, जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।-ईश्वर सिंह, दक्षिण जिला पुलिस उपायुक्त