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सुनंदा पुष्कर मौत की गलत रिपोर्टिंग करने वाले चैनल पर फैसला सुरक्षित
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 25 Oct 2017 01:30 PM IST
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- फोटो : getty images
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कांग्रेस नेता शशि थरूर ने एक समाचार चैनल व उसके संपादक को उनकी पत्नी सुनंदा पुष्कर की मौत के संबंध में गलत रिपोर्टिंग करने से रोकने के लिये आग्रह किया है। थरूर ने कहा कि उनके एकांत में रहने के अधिकार का सम्मान किया जाना चाहिये।
जस्टिस मनमोहन ने सुनंदा पुष्कर की मौत के मामले में रिपोर्टिंग पर शशि थरूर की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया। दूसरी ओर समाचार चैनल व उसके संपादक ने कहा कि मामले की तथ्यात्मक रिपोर्टिंग की गई है।
पेश याचिका में थरूर की ओर से दलीलें पेश करते हुये वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद ने कहा कि चैनल को हिदायत दी जाये इस मामले में सुनंदा की हत्या शब्द का प्रयोग नहीं किया जाये क्योंकि यह अभी साबित किया होना बाकी है कि यह हत्या है या मौत।
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समाचार चैनल के संपादक की ओर से बहस करते हुये अधिवक्ता संदीप सेठी ने कहा उनके मुव्वकिल ने कभी भी थरूर की निंदा नहीं की और न कभी यह कहा कि वह सुनंदा की मौत में शामिल थे। उन्हें कभी भी अपनी पत्नी का कातिल नहीं कहा गया।
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जस्टिस मनमोहन ने सुनंदा पुष्कर की मौत के मामले में रिपोर्टिंग पर शशि थरूर की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया। दूसरी ओर समाचार चैनल व उसके संपादक ने कहा कि मामले की तथ्यात्मक रिपोर्टिंग की गई है।
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पेश याचिका में थरूर की ओर से दलीलें पेश करते हुये वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद ने कहा कि चैनल को हिदायत दी जाये इस मामले में सुनंदा की हत्या शब्द का प्रयोग नहीं किया जाये क्योंकि यह अभी साबित किया होना बाकी है कि यह हत्या है या मौत।
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समाचार चैनल के संपादक की ओर से बहस करते हुये अधिवक्ता संदीप सेठी ने कहा उनके मुव्वकिल ने कभी भी थरूर की निंदा नहीं की और न कभी यह कहा कि वह सुनंदा की मौत में शामिल थे। उन्हें कभी भी अपनी पत्नी का कातिल नहीं कहा गया।