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छूटने नहीं चाहिए चोरी करने वाले : कोर्ट
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 05 Dec 2017 10:35 AM IST
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tis hazari court
चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले अपराधी छूटने नहीं चाहिए। यह टिप्पणी करते हुए तीस हजारी कोर्ट ने चोरी के दोषी करार दिए गए एक व्यक्ति की याचिका खारिज कर दी। इस शख्स को एक महिला का नकदी और गहनों से भरा बैग चोरी करने का दोषी ठहराया गया था।
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अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गुरविंदर पाल सिंह ने फैसले में कहा कि चोरी के बढ़ते अपराधों ने खतरनाक रुख अख्तियार कर लिया है। समाज की अपील ऐसे मुजरिमों को परिवीक्षा पर छोड़ने की नहीं है।
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हालांकि, अदालत ने दोषी की पृष्ठभूमि में ज्यादा आपराधिक वारदात न होने के चलते उसकी छह माह की सजा को घटाकर 22 दिन कर दिया। इसे दोषी शख्स पहले ही सलाखों के पीछे बिता चुका है।
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अभियोजन ने अदालत में दलील दी कि 17 अप्रैल 2014 को 40 वर्षीय कमल किशोर ने पश्चिम दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में सड़क पर भीड़ का फायदा उठाकर शिकायतकर्ता का पर्स चोरी कर लिया था। इसमें महिला के गहने और नकदी थी। पीड़िता ने आरोपी को मौके पर पकड़ लिया था, लेकिन तब तक वह पर्स अपने साथी को दे चुका था।
पुलिस ने किशोर को गिरफ्तार कर लिया था। मजिस्ट्रेट की अदालत ने 2016 में उसे छह माह कैद व 600 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। दोषी ने सजा को तीस हजारी अदालत में चुनौती दी थी।