फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   corporate employees and people in gurugram illegally hording foreign cigarette

विदेशी सिगरेट की दीवानगी के लिए यहां कॉर्पोरेट कर्मचारी तक कर रहे क्राइम

Thu, 27 Jul 2017 03:38 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम Updated Thu, 27 Jul 2017 03:38 PM IST
सार

यहां धुएं में उड़ता है विदेशी सिगरेट का फ्लेवर
-कॉरपोरेट में काम करने वाले लोगों की पहली पसंद है विदेशी सिगरेट
-नियम को ताक पर रखकर बेची जा रहा है यहां सिगरेट
शाहनवाज आलम
गुरुग्राम।

विज्ञापन
corporate employees and people in gurugram illegally hording foreign cigarette
cigarette

विस्तार

फिल्मी अंदाज, दिलकश धुएं, स्टेटस सिंबल और अलग-अलग फ्लवेर। यही बातें साइबर सिटी में युवाओं को विदेशी सिगरेट की तरफ आकर्षित कर रही है। धुएं में उड़ता विदेशी सिगरेट के फ्लेवर के कारण युवाओं में शौक की तरह चढ़ रहा है। कॉरपोरेट और मल्टीनेशनल कंपनियों में काम करने वाले यूथ की पहली पसंद बनता जा रहा है। जिसके कारण बड़े पैमाने पर शहर में नियमों को ताक पर रखकर विदेशी सिगरेट बेची जा रही है। 
विज्ञापन


दरअसल, भारत में सिगरेट और तंबाकू उत्पाद बेचने के लिए कोटपा 2003 (सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम) नियम है। इसके तहत किसी भी तंबाकू उत्पाद को बेचने के लिए नियम कानून बनाए गए हैं। चेतावनी लिखी होनी जरूरी है। इसके साथ ही हरियाणा में निकोटिन को जहर के सामान दर्जा दिया गया है। नशे के रूप में बेचने पर पाबंदी है। इन सबके बावजूद साइबर सिटी के कॉरपोरेट कल्चर के बीच निकोटिन और विदेशी सिगरेट ने अपनी जगह बना ली है। कंपनियों के आस-पास बड़ी संख्या में छोटे दुकानों के जरिये बेची जा रही है। 
विज्ञापन


वैसे तो सिगरेट के डिब्बों पर वैधानिक चेतावनी लिखी होती है कि सिगरेट पीना स्वास्थ्य के लिए हानिकारण है।  लेकिन फिर भी आज के समय में सिगरेट पीना युवाओं में एक शौक की तरह है। लोग अपना स्टेटस मेंटेन रखने के लिए या उठाने के लिए महंगी ब्रांडेड सिगरेट पीते हैं। फर्म हाउस व हुक्का बार में होने वाली पार्टियों में भी इसका जमकर इस्तेमाल होता है। बता दें कि शुक्रवार को फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन की संयुक्त कार्रवाई में दो छोटे दुकानों पर 400 से अधिक विदेशी सिगरेट मिली थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

तस्करी से साइबर सिटी तक पहुंचता है विदेशी सिगरेट

corporate employees and people in gurugram illegally hording foreign cigarette

साइबर सिटी में विदेशी सिगरेट कहां से आता है? इसका ठोस जवाब न तो पुलिस के पास है और न ही प्रशासन के बाद। सूत्रों की मानें तो अवैध तरीके से शहर में विदेशी सिगरेट बिक रहा है। लेकिन, इसकी भनक किसी को नहीं होती है।

जानकारों की मानें तो यूरो मॉनिटर इंटरनेशनल द्वारा अगस्त 2016 की रिपोर्ट के मुताबिक विदेशों से तस्करी कर लाए जाने वाले तंबाकू भारतीय बाजारों में बेहद सस्ते दामों में बेचे जा रहे हैं। म्यांमार, खाड़ी देश, इंडोनेशिया, साउथ कोरिया और यूरोप से बड़ी मात्रा में अवैध सिगरेट भारतीय बाजारों में बिक रही है। ये सिगरेट भारत में मैंगलोर, चेन्नई, मुंबई, विशाखापट्टनम, गोवा, कोलकाता के बंदरगाहों से आती है। यहां से इनको देश के दूसरे राज्यों में भेजा जा रहा है।

क्यों पसंद किए जाते हैं विदेशी सिगरेट
युवाओं के बीच विदेशी सिगरेट उसके फ्लेवर और टशन के कारण प्रसिद्ध है। यह धीरे-धीरे जलता़ है। अलग-अलग फ्लेवर में मौजूद है। विदेशी सिगरेट में गुडंग गरम, एसेस लाइ्टस, स्लिम्स मूड्स, जरूम ब्लैक, डनहिल स्विच और मॉन्ड ब्रांड की अधिक मांग है।

क्यों है देश में विदेशी सिगरेट पर रोक

corporate employees and people in gurugram illegally hording foreign cigarette

शहर में तंबाकू नियंत्रण के लिए अभियान चलाने वाले संबध हेल्थ फाउंडेशन के ट्रस्टी संजय सेठ बताते हैं कि कोटपा 2003 (सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम) की धारा 7 के तहत सिगरेट के पैकेजिंग नियम निर्धारित किए गए हैं।

इसमें सिगरेट के दोनों तरफ 85 फीसदी क्षेत्र में फोटोजनित चेतावनी होना जरूरी है। विदेशी सिगरेट में यह नहीं होने से भारतीय कानून का उल्लंघन है।

विनय प्रताप, उपायुक्त: विदेशी सिगरेट की डिब्बी पर %धूम्रपान सेहत के लिए हानिकारक है’ संबंधी वैधानिक चेतावनी नहीं लिखी होती। यह काननून गलत है। इसके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। हुक्काबार पर भी शिकंजा कसने की हिदायत दी गई हैं। ऐसे सिगरेट बेचने वालों के खिलाफ नियमानुसार खाद्य एवं औषधि विभाग द्वारा कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed