पेड़ पर लटका मिला मजदूर, मचा बवाल
गुड़गांव के सोहना से सटे रोजका मेव में आटो पार्ट्स बनाने वाली हाई लाइन कंपनी में के एक श्रमिक का शव रविवार की सुबह बाहर पार्क में पेड़ पर लटका मिलने से बवाल हो गया। आस-पास के लोगों ने कंपनी पर हत्या का आरोप लगाया।
कंपनी प्रबंधन के जवाब से संतुष्ट न होने पर तोड़-फोड़ के साथ आगजनी की और हाईवे पर जाम लगा दिया। पुलिस प्रबंधन के आधा दर्जन लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर छानबीन करने में जुटी है।
नूंह के उदाका गांव निवासी 28 वर्षीय हनीफ पुत्र माजिद रोजका गूजर इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित हाई लाइन कंपनी में बिल्डर का काम करता था। शनिवार की सुबह साढ़े सात बजे काम पर घर से आया था। रात में वापस घर न पहुंचने के साथ रविवार की सुबह स्थानीय पुलिस ने उसके परिवार वालों को शव के पेड़ से लटके होने की सूचना दी।
इसके बाद परिजन व आस-पास के लोग पहुंचे और कंपनी प्रबंधन से बातचीत की। इस दौरान मामला संदिग्ध होने पर वह भड़क गए और कंपनी में तोड़फोड़ की और फैक्ट्री का एक हिस्सा आग के हवाले कर दिया। पुलिस व प्रशासन के अधिकारी पहुंचने पर उग्र भीड़ ने उन पर पथराव किया।
मेरे बेटे ने नहीं की आत्महत्याः परिजन
घटना में दौरान कुछ पुलिस कर्मी भी घायल हो गए। वहां से हटे लोगों ने नूंह सोहना हाईवे पर जाम लगा दिया। लगभग चार घंटे तक चले जाम के दौरान स्थानीय विधायक जाकिर हुसैन, उपायुक्त अशोक सांगवान, पुलिस अधीक्षक बलावान सिंह राणा ने लोगों को शांत कराया।
रोजका गूजर थाना पुलिस ने परिजन के बयान पर कंपनी मालिक सहित प्रबंधन के आधा दर्जन लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। उपायुक्त अशोक सांगवान ने बताया कि डीएलसी की ओर भी मामले की जांच की जा रही है। श्रमिक को लेवर एक्ट के तहत मिलने वाला मुआवजा भी दिलाया जाएगा। जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उधर, हनीफ की मौत के मामले में परिजनों का कहना था कि हनीफ के दो बच्चे हैं। उसका भरा पूरा परिवार है। परिवार में सब कुछ ठीकठाक चल रहा है। जो व्यक्ति सुबह नौकरी पर आ रहा है और ओवरटाईम कर रहा है। परिवार के प्रति जागरूक है। वह आत्महत्या क्यों करेगा।
आत्महत्या के पीछे भी कोई कारण तो होना चाहिए। इस बीच पुलिस ने नूंह मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम के बाद रविवार शाम शव परिजनों को सौंप दिया। तीन डॉक्टरों के बोर्ड ने शव का पोस्टमार्टम किया है। डॉक्टर पंकज के नेतृत्व में गठित टीम ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट सोमवार को पुलिस को दिए जाने की बात कही है। हनीफ की संदिग्ध हालात में हुई मौत के बाद परिजन और आस-पास के लोगों में भारी आक्रोश था।
चाचा ने बताई चौंकाने वाली बात
श्रमिक की संदिग्ध हालत मौत के मामले में उसके चाचा जुम्मा खान ने बताया कि वह शनिवार को सुबह सात बजे कंपनी में ड्यूटी के लिए गया था। वह कंपनी में करीब दो साल से काम कर रहा था। रविवार को पुलिस ने फ़ोन पर उसके मृत होने की जानकारी दी। उनका आरोप है कि उसकी मौत करंट लगने से कंपनी के अंदर ही हुई है। मौत को छुपाने के लिये उसके शव को कंपनी के ही कर्मचारियों ने बाहर पेड़ पर ही लटकाया है, ताकि उसकी मौत को किसी और के गले डाला जा सके।
मेवात के उपायुक्त अशोक सांगवान के मुताबिक फैक्ट्री में काम करने वाले श्रमिक की मौत के मामले की जांच चल रही है। जांच के दौरान जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस तरह का विवाद दुबारा न भड़के, इसके लिए पुलिस अधीक्षक व श्रम विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक भी की जाएगी।
मेवात पुलिस अधीक्षक बलवान सिंह राणा पुलिस परिजनों की ओर से दी गई शिकायत के बाद हत्या का मामला दर्ज कर छानबीन कर रही है। पुलिस को एफएसएल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने का इंतजार है। जांच के दौरान पुलिस की ओर से मामले में लापरवाह पाए जाने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
नूंह के विधायक जाकिर हुसैन का कहना है कि रोजका मेव में काम करने वाले हनीफ की हुई मौत की सही तरीके से जांच होनी चाहिए। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई हो। मरने वालों के परिजनों से एक व्यक्ति को नौकरी के साथ उन्हें उचित मुआवजा मिलना चाहिए।