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150 फ्लैट खरीदारों का 400 करोड़ लेकर बिल्डर फरार

Sun, 25 Dec 2016 01:17 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा Updated Sun, 25 Dec 2016 01:17 AM IST
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Builder 400 million absconded with 150 apartment buyers
एएमडी ने सील ‌कराए फ्लैट - फोटो : अमर उजाला

ग्रेनो वेस्ट में बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। प्राधिकरण द्वारा एक बिल्डर कंपनी को जमीन दे दी गई। उस बिल्डर ने ऊंचे दामों में बेचकर किसी दूसरे बिल्डर को जमीन हस्तांतरित कर दी।

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दूसरी कंपनी ने दो टावरों में फ्लैट बुक कराने के नाम पर करीब 400 करोड़ रुपये ले लिए। इसके बाद भी बिल्डर ने कोई काम नहीं किया। खरीदारों ने जब दबाव डाला तो कंपनी ताला बंद करके फरार हो गई। इतना ही नहीं, किस्तें जमा न करने के कारण बिल्डर को प्राधिकरण ने डिफाल्टर घोषित कर रखा है।
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फ्लैट बुक कराने वाले अम्रताश्वर शनिवार को करीब एक दर्जन साथियों के साथ नोएडा अमर उजाला दफ्तर पहुंचे। उन्होंने बताया कि छह साल पहले ग्रेनो प्राधिकरण ने सेक्टर-12 के जीएच-2 सी में एक बिल्डर कंपनी को जमीन आवंटित की गई थी।
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उस कंपनी में कई डायरेक्टर थे। उन्होंने 2013 में उस जमीन को वैल्यू इफ्रा कंपनी को बेच दिया, जिसनेजमीन खरीदी थी, उसका गाजियाबाद और दिल्ली में भी काम चल रहा था। नई कंपनी ने फ्लैटों की बुकिंग शुरू कर दी।

Builder 400 million absconded with 150 apartment buyers
फ्लैट - फोटो : amar ujala

दो टॉवरों में 150 फ्लैटों को बुक कर लिया। किसी ने 25 लाख तो किसी ने 30 लाख और 35 लाख तक जमा किए। ज्यादातर लोगों ने बैंकों से लोन लेकर बिल्डर का पूरा का पूरा भुगतान कर दिया।

पिछले तीन साल से बिल्डर ने कोई काम नहीं किया। सेक्टर-62 और 63 में जब भी आॉफिस जाते तो कोई न कोई बहाना बना दिया जाता।

उन्होंने बताया कि 2015 में धोखाधड़ी के आरोप में बिल्डर को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी बिल्डर ने जेल से ही 15 सितंबर, 2015 को भावनात्मक पत्र खरीदारों के नाम लिखा। जिसमें कहा कि जेल से बाहर आने पर बना हुआ फ्लैट मिल जाएगा।

खरीदार उसकी बातों में आकर चुप हो गए। जेल से छूटने के बाद बिल्डर ने दिल्ली और नोएडा के सभी ऑफिस बंद कर दिए। पीड़ित लोग ग्रेनो प्राधिकरण भी गए, लेकिन प्राधिकरण ने कह दिया कि उनका काम सिर्फ जमीन आवंटन करना है।

रीदारों ने गाजियाबाद जाकर पता किया तो मालूम पड़ा कि वहां भी प्रोजेक्ट अधूरा पड़ा है। अब पीड़ित सोमवार को प्राधिकरण के सीईओ दीपक अग्रवाल से मिलेंगे। बिल्डर कंपनी के एमडी पीके सिंह से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका।

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