इकलाख समेत परिवार के सात लोगों के खिलाफ गौहत्या पर कोर्ट में अर्जी
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बिसाहड़ा गांव में गोहत्या के आरोप में इकलाख समेत परिवार के सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए बृहस्पतिवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट की न्यायालय में अर्जी दी गई।
अर्जी पर सुनवाई के लिए 13 जून की तारीख लगी है। न्यायालय ने जारचा पुलिस से इस संबंध में आख्या मांगी है। बिसाहड़ा निवासी सूरजपाल पुत्र रघुराज सिंह ने जान मोहम्मद, असगरी, इकरामन, दानिश खां, कुमारी शाइस्ता, सोना और इकलाख (मृतक) के खिलाफ धारा 156/3 के तहत प्रार्थना-पत्र दिया, जिसमें गोहत्या करने का आरोप लगाया गया।
इस मामले में गांव के कई चश्मदीद गवाह भी सामने आए हैं। उनके द्वारा कहा गया कि इकलाख को ट्रांसफार्मर के नजदीक काली पॉलिथीन में मांस के अवशेष फेंकते देखा गया था।
13 जून को होगी याचिका पर सुनवाई
उग्र भीड़ ने उसे घेर लिया था। उसने ही फ्रिज में मांस होने की जानकारी दी थी। भीड़ भगोने में रखे मांस को ट्रांसफार्मर के पास लाई थी। बीफ देखकर ही भीड़ ने इकलाख और उसके बेटे दानिश की पिटाई की, जिसमें इकलाख की मौत हो गई थी।
ग्रामीणों ने तुरंत गोहत्या का मामला दर्ज कराने के लिए जारचा कोतवाली में तहरीर दी थी। थानाध्यक्ष समेत पुलिस वालों ने ग्रामीणों को धमकाकर भगा दिया था।
इसके बाद मामले की शिकायत 8 अक्तूबर 2015 एसएसपी, डीआईजी मेरठ और आईजी मेरठ समेत अन्य अधिकारियों से की। मांस की फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद गोहत्या स्पष्ट होने पर जारचा थाने और एसएसपी से मिलकर शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
वहीं कोर्ट ने जारचा पुलिस से आख्या मांगी है कि इस मामले में पुलिस ने कोई कार्रवाई की या नहीं।
इन्हें बनाया गया आरोपी-
1- जान मोहम्मद
2-असगरी
3-इकरामन
4- दानिश खां
5- कुमारी शाइस्ता
6- सोना
7- इकलाख