इस चूक की वजह से पकड़ में आए मेट्रो स्टेशन कंट्रोलर संग वारदात के आरोपी
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मेट्रो स्टेशन के कंट्रोलर से लूटपाट करने का आरोपी पवन कुमार ने पुलिस व सीसीटीवी कैमरों को चकमा देने के लिए पॉलिशन मास्क तो लगा लिए लेकिन मेट्रो कार्ड इस्तेमाल की वजह से पुलिस के चंगुल में फंस गया।
दरअसल, पुलिस ने राजेंद्र प्लेस मेट्रो स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज की छानबीन की तो पता चला कि आरोपियों ने स्टेशन में प्रवेश के लिए मेट्रो कार्ड का इस्तेमाल किया था। पुलिस ने जब कार्ड की डिटेल ली तो पता चला कि यह कार्ड आठ अप्रैल को कौशांबी मेट्रो स्टेशन से बना था।
इसके अलावा इसी कार्ड से आरोपी ने 36 घंटे पहले करोलबाग मेट्रो स्टेशन से यात्रा की थी। पुलिस ने करोलबाग व कौशांबी मेट्रो स्टेशन की सीसीटीवी फुटेज देखी तो उसमें उसकी पहचान पूर्व कर्मचारी पवन के रूप में हुई। इसी के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंच गई।
जुराब में छुपाकर ले गया था चाकू
पवन ने बताया कि उसे पता था कि सीआईएसएफ के सुरक्षाकर्मी जुराब को न के बराबर चेक करते हैं। इसीलिए उसने एक सब्जी काटने वाले चाकू का इंतजाम कर उसे अपने जुराब में छुपा लिया। हुआ भी उसकी उम्मीद के मुताबिक ही, सुरक्षा कर्मियों ने उसके जुराब की जांच नहीं की और वह आसानी से प्लेटफॉर्म पर बने कंट्रोलर के कमरे तक पहुंच गया। पवन ने बताया कि दिसंबर 2015 में उसे मेट्रो प्रशासन ने नौकरी से निकाल दिया था। इसके बाद उसने विजय नगर, गाजियाबाद में मोबाइल रिचार्ज की दुकान खोल ली। सोनू उसकी दुकान पर मोबाइल रिचार्ज कराने आता था। वहीं दोनों की पहचान हुई।
सोनू ने पवन से मेट्रो में नौकरी दिलवाने की बात की तो आरोपी ने उसे लूट के लिए तैयार कर लिया। पवन को पता चला कि तड़के स्टेशन पर भीड़ नहीं होती है। साथ ही उस समय स्टेशन कंट्रोलर सो रहा होता है।
दोनों चाकू लेकर मेट्रो स्टेशन पहुंच गए। पवन को पता था कि कंट्रोलर का दरवाजा मेट्रो कार्ड से खुल जाता है। उसका इस्तेमाल कर दरवाजा खोल दिया गया। सोनू ने कुणाल को पकड़ा, इसी बीच पवन ने उस पर चाकू से हमला किया। बाद में वह रुपयों से भरा बैग लेकर फरार हो गए।