भाजपा नेता तेवतिया पर हमले का खुलासा हुआ लेकिन अभी बाकी हैं कई सवाल
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पुलिस ने भाजपा नेता ब्रजपाल तेवतिया पर हुए हमले का अधूरा खुलासा किया है। अभी कई बड़े सवाल अनसुलझे हैं, जिनके जवाब पुलिस अफसरों के पास नहीं हैं।
पुलिस न तो मुख्य सूत्रधार मनीष और मनोज को पकड़ पाई है और न ही बाकी शूटरों को। पुलिस को यह भी जानकारी नहीं है कि वारदात में इस्तेमाल एके-47, कारबाइन और विदेशी पिस्टल किसने उपलब्ध कराए थे।
सुपारी की रकम कितनी तय हुई थी, वह दी गई है या नहीं। गुड़गांव से 8 जून को लूटी गई फॉरर्च्यूनर कार हमलावरों तक कैसे पहुंची। इस मामले में किसी बड़े क्रिमिनल गैंग की कितनी भूमिका है, यह भी साफ नहीं है।
अभी तक राकेश हसनपुरिया की पत्नी सुनीता और मनोज के दोस्त शेखर को पुलिस ने न तो क्लीन चिट दी है और न ही इस मामले में उसका रोल बताया है।
मनीष और मनोज की गिरफ्तारी के बाद उठेगा पर्दा
पुलिस के प्रेस नोट में मनीष के भाई विक्की का भी जिक्र है, हालांकि हमलावरों या साजिशकर्ताओं में वह शामिल है या नहीं, यह खुलकर नहीं लिखा गया है। फरार आरोपियों को शेल्टर किसने दिया है।
वह कहां छिपे हुए हैं। सूत्रों का कहना है कि मनीष और मनोज की गिरफ्तारी के बाद ही इस केस से पूरी तरह से पर्दा उठ पाएगा। प्रेस कांफ्रेंस में आईजी मेरठ जोन ने भी स्वीकार किया कि इस मामले में अभी काफी कुछ है, जो बाकी है। बता दें कि इस मामले में तेवतिया समेत सात लोग गोली लगने से घायल हो गए थे।
लूटी हो सकती है एके-47, इटली मेड थी पिस्टल
तेवतिया पर जिस एके-47 से हमला किया गया, वह लूटी हुई हो सकती है। पुलिस देशभर में मैन्युअली, इंटरनेट और एनसीआरबी के जरिए मालूम कर रही है कि कहां-कहां से कब एके-47 लूटी गई हैं।
आईजी ने बताया कि राजस्थान से पिछले दिनों एक एके-47 लूटी गई थी। हो सकता है कि आरोपियों ने इसे किराए पर लिया हो। एके 47 के अलावा जो दो पिस्टल बरामद की गई थीं, उनमें एक इटली मेड थी।