फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   AIIMS director son arrests in forger

लंदन से एमबीए करके बन गया हाईप्रोफाइल चोर

Mon, 05 May 2014 05:23 PM IST
Updated Mon, 05 May 2014 05:23 PM IST
विज्ञापन
AIIMS director son arrests in forger

दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने एम्स की पूर्व निदेशक के 50 वर्षीय बेटे को यूके में रहने वाली एक एनआरआई महिला को ठगने के आरोप में गिरफ्तार किया है।

विज्ञापन


आरोपी की पहचान लॉर्ड मुकुल पॉल तनेजा के रूप में हुई है। आरोपी ने लोन ली हुई लग्जरी कार 10.50 लाख रुपये में पीड़िता को बेच दी।

खुद उसने कार की एक भी किस्त नहीं चुकाई थी। पीड़िता को जब जालसाजी का पता चला तो उसने दिल्ली पुलिस से शिकायत की। छानबीन के बाद पुलिस ने मैफेयर गार्डन, हौजखास निवासी आरोपी को दबोच लिया।

विज्ञापन

फिल्में भी प्रॉड्यूस कर चुका है आरोपी

AIIMS director son arrests in forger

मुकुल तनेजा की मां 1989 में एम्स के निदेशक पद से रिटायर हुई हैं। फिलहाल इसके परिवार में मां, पत्नी और दो बच्चे हैं। मुकुल ने मॉर्डन स्कूल वसंतकुंज से 12वीं कक्षा पास की। इसके बाद उसने डीयू से बीबीए किया। बाद में वह एमबीए और एलएलएम करने के लिए लंदन चला गया।

उसने कई किताबें भी लिखी है। उसकी काबिलियत को देखते ब्रिटेन सरकार ने लॉर्ड की डिग्री दी। इसके बाद भारत आकर व्यवसाय करने लगा। राजस्थान के बड़े घराने में शादी होने के बाद जम्मू और कश्मीर में होटल व रिसार्ट में भी रुपया लगाया। यहां भी उसे भारी नुकसान हुआ। बाद में उसे आतंकवादियों से धमकी भी मिली।

उसने कपड़ों का व्यवसाय किया। कई फिल्में प्रोड्यूस की, लेकिन कोई भी नहीं चली। उसके कई बड़ी फिल्मी हस्तियों से संबंध हैं। इसके अलावा उसके कई बड़े नेताओं से भी गहरे संबंध हैं।

कैसे देता था वारदात को अंजाम?

AIIMS director son arrests in forger

मुकुल ने बताया कि उसने विभिन्न बैंकों से लोन लेकर ऑडी-ए-6, स्विफ्ट डिजायर, सुजुकी कजाशी, रेनौल्ट डस्टर, फोक्सवैगन पोलो व अन्य कारें ली हुई थीं। किसी भी कार का उसने लोन नहीं चुकाया था।

कई बैंकों ने उसका अखबारों में विज्ञापन छपवाकर उसे डिफाल्टर घोषित कर रखा था। आरोपी इन्हीं कारों को बेचने के लिए अखबारों में आकर्षक विज्ञापन देता था। खरीदार को देहरादून से वीआईपी नंबर की आरसी बनवाने का झांसा देता था।

पीड़िता को बताया जाता था कि कार पर कोई लोन नहीं है। रुपये लेने के बाद आरसी बनवाने की बात कहता, मगर बाद में धमकी देकर चुप करा देता था।

विज्ञापन

कैसे फंसा पुलिस की चंगुल में?

AIIMS director son arrests in forger

अपराध शाखा के संयुक्त आयुक्त रविंद्र यादव ने बताया कि यूके की रहने वाली एनआरआई महिला निशा कड़ावाधरा ने यूके के एक सांसद के जरिए दिल्ली पुलिस से शिकायत की थी। शिकायत में बताया कि उसे भारत में एक कार की जरूरत थी।

उसने भारत आकर अखबार में एक कार का विज्ञापन देखा। विज्ञापन देने वाले शख्स ने खुद को यूके का नामी व्यक्ति बताते हुए अपनी खुद की वीआईपी नंबर की कार बेचने की बात की। फोर्ड ईको कार का सौदा 10.50 लाख में तय हुआ।

आरोपी ने उत्तराखंड में देहरादून आरटीओ ऑफिस से निशा के नाम कार को ट्रांसफर कराने की बात कही। रुपये देने के बाद आरोपी ने आरसी (रजिस्ट्रेशन सर्टिकेट) नहीं दी। बार-बार टालता रहा।

... तो अब ये भी करने लगा था वो

AIIMS director son arrests in forger

महिला के अनुसार आरोपी ने दबाव देने पर आरोपी ने उसे धमकाना शुरू कर दिया। परेशान महिला ने खुद ही आरटीओ ऑफिस में छानबीन करवाई। उसे पता चला कि कार पंजाब नेशनल बैंक से फाइनेंस हुई है।

कार आरोपी मुकुल पॉल के नाम ही है। आरोपी ने कार की कोई किस्त नहीं दी है। ठगे जाने का एहसास होने पर पीड़िता ने मामले की शिकायत पुलिस से की।

छानबीन के बाद पुलिस ने आरोपी को बृहस्पतिवार को मुनिरका मार्केट से दबोच लिया।

इसलिए फंस गया पंक्षी

AIIMS director son arrests in forger

शुरुआत में आरोपी ने खुद को बड़ा और इज्जतदार आदमी बताकर पुलिस को घुमाने का प्रयास किया, लेकिन सख्ती से पूछने पर आरोपी ने अपना अपराध कबूल कर लिया।

आरोपी ने बताया कि उसने अलग-अलग लोन लेकर कई गाड़ियों को फाइनेंस करा रखा था। किसी भी कार की वह किस्त नहीं देता था। इसके अलावा वह लोगों को ये गाड़ियां बेच दिया करता था।

आरोपी ने बताया कि उसने हौजखास के अपने बंगले को गिरवी रखकर 70 लाख रुपये लोन भी लिया हुआ है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed