नाबालिग दोस्त जीशान ने क्राइम पेट्रोल देखकर बनाई थी कत्ल की योजना
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वेलकम इलाके में एक करोड़ रुपये की फिरौती के लिए अंकित गुप्ता (17) की अगवा कर हत्या करने की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा तो जरूर लिया लेकिन यह हकीकत है कि इस सनसनीखेज मामले की गुत्थी से पर्दा उठाने में दो जिलों की पुलिस के पसीने छूट गए।
अंकित को अगवा कर उसकी हत्या करने के आरोप में पकड़े गए उसके नाबालिग दोस्त व जिशान (19) ने हत्याकांड की ऐसी योजना बनाई कि पुलिस के तेज तर्रार अफसरों के भी होश उड़ गए। यही वजह है कि पुलिस पौने दो माह बाद अंकित गुप्ता हत्याकांड की गुत्थी से पर्दा उठा पाई।
मामले की छानबीन कर रहे एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक क्राइम पेट्रोल टीवी सीरियल देखकर आरोपियों ने फर्जी पतों पर पहले से एक्टिवेटेड तीन सिम कार्ड खरीदे। इसके अलावा कर्दमपुरी इलाके से 300 रुपये में एक पुराना मोबाइल फोन खरीदा गया।
फ्लैट में ले जाकर अंकित को पहले शराब पिलाई गई
शव को ठिकाने लगाने के लिए दुर्गापुरी चौक से एक बोरा व रस्सी खरीदी गई। अंकित को झांसा देने के लिए कॉल कर लड़की के साथ होने की बात कर मजा करने के लिए उसे बुलाया गया। बाद में सुभाष मोहल्ला के एक फ्लैट में ले जाकर अंकित को पहले शराब पिलाई गई। बाद में दोनों ने मिलकर अंकित की गला दबाकर हत्या कर दी।
अंकित की पहचान न हो इसके लिए उसके कपड़ों को बदल दिया गया। बाद में शव को बोरे में डालकर 11/12 फरवरी की रात को ही बादलपुर, गौतमबुद्ध नगर में कार से फेंक दिया गया।
इसके बाद अगले ही दिन आरोपियों ने खरीदे गए मोबाइल नंबरों से अंकित के पिता अनिल गुप्ता को फिरौती की कॉल करना शुरू कर दिया। एक बार सिम का इस्तेमाल करने के बाद उसका इस्तेमाल दुबारा नहीं किया गया।
वह अंकित के लाइफ स्टाइल से काफी प्रभावित
कॉल के बाद फोन को स्विच ऑफ कर दिया। शातिर बदमाशों की तरह लड़कों ने हर बार जगह बदलकर ही फोन किया, जिससे पुलिस उनकी लोकेशन भी ट्रेस नहीं कर पाई। यही वजह है कि आरोपी टेक्निकल सर्विलांस से पुलिस के हाथ नहीं आ सके।
वहीं यूपी पुलिस को अंकित का शव 14 फरवरी को मिल तो गया, लेकिन शव की हालत खराब होने और कपड़े बदलने की वजह से उसकी पहचान नहीं हो सकी।
पुलिस को दोनों लड़कों ने बताया कि वह अंकित के लाइफ स्टाइल से काफी प्रभावित थे। दोनों उसकी तरह जीवन बिताना चाहते थे। कुछ माह पूर्व उन्होंने टीवी सीरियल देखकर अंकित की हत्या करने की योजना बनाई।
अगवा करने के बाद उसकी हत्या कर शव को ठिकाने लगा दिया
शुरुआत में ही तय कर लिया गया कि अगवा करने के बाद उसकी हत्या कर शव को ठिकाने लगा दिया जाएगा। बाद में उससे फिरौती की रकम वसूली जाएगी। लेकिन आरोपी फिरौती की रकम नहीं वसूल पाए और पकड़ जाने के डर से चुप बैठ गए। पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल दो कारें, सिमकार्ड, एक बाइक व अंकित के कपड़े व अन्य सामान भी बरामद कर लिया है।
मामले की छानबीन कर रहे पुलिस अधिकारियों को इस बात का शक था कि वारदात में अंकित के ही किसी दोस्त का हाथ है। पूछताछ के पुलिस ने उसके दोस्तों की चार श्रेणियों में बांटा। स्कूल फ्रेंड, पूल फ्रेंड, क्रिकेट फ्रेंड और डांस क्लब फ्रेंड।
करीब 150 दोस्तों व 60 लड़कियों से पूछताछ की। वहीं अंकित के परिजनों, दोस्तों, मिलने-जुलने वाले लोगों से भी पूछताछ की गई। यहां तक पिता व अंकित को कॉल करने वाले हर शख्स से पूछताछ हुई। इधर पुलिस ने जब अंकित के नाबालिग दोस्त से पूछताछ की तो उस पर कुछ शक हुआ।
सख्ती से पूछताछ में वह टूट गया और उसने जिशान के साथ मिलकर हत्या की बात कबूल कर ली। पुलिस ने बाद में जिशान को भी दबोच लिया। पुलिस दोनों से पूछताछ कर इस बात का पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वारदात में दोनों के अलावा और लोग शामिल रहे हैं या नहीं।