फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   5 accused in Prashant murder case arrested.

प्रशांत मर्डर केस के 5 आरोपी गिरफ्तार.

Sun, 01 Mar 2015 01:48 AM IST
अमर उजाला, विजयनगर
अमर उजाला, विजयनगर Updated Sun, 01 Mar 2015 01:48 AM IST
विज्ञापन
5 accused in Prashant murder case arrested.

प्रॉपर्टी डीलर प्रशांत की हत्या 100 गज प्लाट के विवाद में की गई थी। प्रॉपर्टी डीलर प्रदीप राणा समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उनसे हत्या में प्रयुक्त जापानी पिस्टल और तमंचा बरामद किया है।

विज्ञापन


हत्यारोपी प्रदीप ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान दावा किया कि उसे पिस्टल वकील खालिद खान ने 35 हजार रुपये में दिलाई थी। वारदात के बाद आरोपियों को राजवीर नामक व्यक्ति ने पनाह दी थी।
विज्ञापन


एसपी सिटी ने जांच के बाद वकील के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है। इस मामले में पुलिस गैंगस्टर की कार्रवाई करेगी।

एसपी सिटी अजय पाल ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों में प्रदीप राणा, उसका भाई गौरव राणा उर्फ  टीटू निवासी रघुनाथपुरी, चीनू उर्फ अभिषेक निवासी चिपियाना, टीटू उर्फ गौरव और संतोष गुप्ता हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


वारदात की साजिश 21 फरवरी को रची थी। प्रदीप राणा साथी रिंकू और दिल्ली निवासी सौरभ और रमेश असीजा के साथ दो बाइकों पर कृपाल के घर पहुंचे थे और कार में बैठे प्रशांत और सुंदर को भी गोली मारी थी।

प्रदीप का भाई गौरव राणा, चीनू और संतोष एक अन्य बाइक पर थोड़ी दूरी पर खडे़ थे। वारदात के बाद आरोपी सैन विहार निवासी राजवीर के घर जाकर छुप गए थे।

पुलिस की दो टीमों ने मुखबिर और सर्विलांस के माध्यम से आरोपियों को तिगरी गोल चक्कर और ग्रेटर नोएडा के चिपियाना से दबोचा।

एसपी सिटी ने बताया कि जांच में आरोप सही पाए जाने पर अधिवक्ता पर 120बी के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

पुलिस कर रही साजिश : खालिद खान
अधिवक्ता खालिद खान का कहना है कि पुलिस आरोपियों के साथ मिलकर उनके खिलाफ साजिश कर रही है। उनकी कॉल डिटेल से पता चल जाएगा कि वे वारदात के दौरान कहां थे।

उन्होंने 22 फरवरी की सुबह एसओ विजयनगर अवधेश यादव को कॉल की थी, क्योंकि एसओ ने नाबालिग लड़के को हिरासत में लिया था। उसी संबंध में उनकी एसओ से हॉट टॉक हुई थी, जिसकी खुन्नस उनसे निकाली जा रही है।

वर्चस्व की थी लड़ाई
रानी लक्ष्मीबाई सोसाइटी में स्थित 100 गज के प्लाट को लेकर दोनों पक्षों में विवाद था। प्रदीप के मुताबिक उसने कृपाल ठाकुर से 9 लाख रुपये प्लाट खरीद लिया था, जिसे बाद में दिल्ली निवासी सौरभ असीजा को अच्छे दामों में बेच दिया।

कृपाल उस प्लॉट पर सौरभ को कब्जा नहीं दे रहा था जबकि सौरभ प्रदीप पर कब्जे का दबाव बना रहा था। कृपाल और प्रदीप पक्ष में वर्चस्व की लड़ाई थी।

प्रदीप राणा का कहना है कि जमीन की अच्छी कीमत होने के कारण कृपाल उस प्लाट को दूसरे प्रापर्टी डीलर को बेचने की प्लानिंग कर रहा था।

कृपाल ने 21 फरवरी को निर्माणाधीन प्लाट पर लेंटर डालने के लिए मैटीरियल मंगवाया। साथ ही दबाव बनाने के लिए दोस्त पवन, प्रशांत और सुंदर को बुलाया था।

यह थी घटना
प्रदीप राणा सहित चार हमलावरों ने 22 फरवरी को रानी लक्ष्मीबाई सोसाइटी में मुरादनगर निवासी प्रापर्टी डीलर प्रशांत व सुंदर पर जानलेवा हमला किया था। प्रशांत के सिर और सुंदर के पेट में गोली लगी थी।

कृपाल ने दिल्ली निवासी पिता-पुत्र रमेश, सौरभ, प्रदीप राणा के खिलाफ नामजद और एक अज्ञात के खिलाफ जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

यशोदा अस्पताल में भर्ती प्रशांत की 26 फरवरी को उपचार के दौरान मौत हो गई थी। केस हत्या में तरमीम कर दिया गया था। रमेश और सौरभ को पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है।


भू-माफियाओं को पनपने नहीं दिया जाएगा-एसपी सिटी
जमीन विवाद में हो रही आपराधिक वारदातें रोकने के लिए आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की जाएगी। प्रदीप राणा के खिलाफ पहले भी 2-3 शिकायतें आई थीं। उस पर धमकी देने का भी आरोप है। शहर में भू- माफियाओं के गैंग पनपने नहीं दिए जाएंगे। उन्हें पनाह देने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed