हाईवे पर हैवानियत मामले में सीबीआई की रडार पर 454 ‘बदमाश कंपनी’
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मां-बेटी से हाईवे पर हैवानियत मामले में मेरठ मंडल में डी-454 गैंग सीबीआई की रडार पर हैं। देश को हिलाकर रख देने वाली इस वारदात में मंडल में पंजीकृत डी-कंपनियों के सरगनाओं की धरपकड़ की जा सकती है।
स्टेट, इंटर स्टेट, इंटर रीजन और इंटर डिस्ट्रिक्ट बदमाश कंपनियों पर भी सीबीआई की निगाह है। आईडी-4 गैंग जनपद की सीमा समेत गैर जनपदों में क्राइम करते हैं, डी-4 गैंग गृह जनपद में आपराधिक गतिविधियों को संचालित करते हैं।
दोनों गैंगों के सदस्यों के क्राइम का तरीका और क्राइम का दायरा अलग है। हत्या और डकैती में आईडी-4 गैंग को महारत हासिल है तो अन्य वारदात जैसे लूट, रेप, चोरी, छिनैती आदि वारदात डी-39 गैंग की ओर से की जाती हैं।
कभी भी हो सकती है बदमाश गैंग के मुखियों की धरपकड़
आईडी-4 और डी-39 गैंग ऐसी बदमाश कंपनियां हैं, जिसके सदस्यों के पास आधुनिक हथियार मौजूद हैं। बता दें कि 29 जुलाई को गाजियाबाद के खोड़ा से शाहजहांपुर जाते समय बुलंदशहर में दोस्तपुर के पास एनएच-91 से अपहरण कर मां-बेटी से गैंगरेप किया गया था।
इस मामले का हाईकोर्ट ने स्वयं संज्ञान लिया और सीबीआई को जांच सौंप दी थी। वारदात की जांच अब सीबीआई कर रही है।
मंडल के प्रमुख गैंग
इंटर स्टेट (आईएस) 07
इंटर रीजनल (आईआर) 01
इंटर डिस्ट्रिक (आईडी) 37
डिस्ट्रिक (डी) 454
'आईडी-3, आईडी-4 और डी-39 गैंग पुलिस के रिकार्ड में दर्ज हैं। गैंगरेप मामले में संभव है कि सीबीआई इनकी भी धरपड़ करें। हालांकि अंतिम फैसला सीबीआई के अफसरों को ही करना है।' - अनीस अहमद अंसारी, एसएसपी, बुलंदशहर