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दिल्ली एनसीआर और यूपी के इलाकों में होनी थी खपत, 16 करोड़ की हेरोइन बरामद

Mon, 27 Jun 2016 09:03 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 27 Jun 2016 09:03 PM IST
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16 crore heroin seized in delhi
- फोटो : gettty

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश कर सरगना समेत चार को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से चार किलो हेरोइन बरामद की गई है।

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अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 16 करोड़ रुपये बताई जा रही है। आरोपी हेरोइन पश्चिमी बंगाल से लाकर बरेली, उत्तरप्रदेश व दिल्ली-एनसीआर में सप्लाई करते थे। गिरोह के सदस्य कई सालों से  पश्चिमी बंगाल से हेरोइन लाकर बरेली (उत्तर प्रदेश) और दिल्ली-एनसीआर में सप्लाई कर रहे हैं।
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स्पेशल सेल उपायुक्त संजीव कुमार यादव के अनुसार, एसआई संदीप कुमार को 23 जून को सूचना मिली थी कि हेरोइन की बड़ी खेप गोकलपुरी फ्लाईओवर के पास आएगी।

कब्जे से चार किलो हेरोइन बरामद

16 crore heroin seized in delhi

इंस्पेक्टर अतर सिंह की टीम ने यहां घेराबंदी की और तीन आरोपी गणेश हलधर, मानिक और जौहरी को गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से चार किलो हेरोइन बरामद की गई।

गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि समीर इस गिरोह का सरगना है। गणेश व मानिक ने बताया कि हेरोइन समीर ने दी थी। समीर के कहने पर हेरोइन की खेप दिल्ली में जौहरी को देनी थी। समीर हेरोइन की खेप मालदा, पश्चिमी बंगाल से लेता था।

बरेली निवासी जौहरी ने बताया कि तीन वर्ष पहले वह उत्तरप्रदेश के लोकल बाजारों में हेरोइन सप्लाई करता था। जब उसका नेटवर्क बढ़ा तो वह दिल्ली-एनसीआर में सप्लाई करने लगा।

गरीबी के चलते तस्करी के दलदल में फंसा

16 crore heroin seized in delhi
पु‌लिस - फोटो : file photo

एसआई संदीप की टीम ने पश्चिमी बंगाल में दबिश देकर 26 जून को गिरोह सरगना समीर मल्लिक को गिरफ्तार कर लिया। इसने बताया वह मालदा में हेरोइन रिसावुल से लेता था। रिसावुल से उसे किशोर ने मिलवाया था।

पिछले कुछ समय से मालदा पश्चिमी बंगाल में भारत का अफगानिस्तान साबित हो रहा है। जांच में ये बात सामने आई है कि मादक पदार्थों से आने वाले पैसे से अवैध हथियार खरीदे जाते हैं।

गांव काडारगंज, जिला बरेली, यूपी निवासी जौहरी गरीबी के चलते मादक पदार्थों की तस्करी के दलदल में फंस गया था। वो पिछले तीन वर्ष से मादक पदार्थों की तस्करी कर रहा था। पश्चिमी बंगाल निवासी गणेश भी गरीबी के चलते मादक पदार्थों की तस्करी करने लगा था। गिरोह सरगना समीर इसका दूर का रिश्तेदार है। वह पांच वर्ष से हेरोइन की सप्लाई कर रहा था। मानिक गणेश का भतीजा है।

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