उम्र 10 साल, धंधा शराब की अवैध बिक्री और कमाई रोजाना 200 रुपये
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उम्र करीब दस साल, धंधा शराब की अवैध खरीद-फरोख्त और आमदनी रोजाना 200 रुपये। आप हैरत में पड़ सकते हैं कि जो उम्र खिलौनों से खेलने व स्कूल जाने की होती है, उसमें एक बच्चा अवैध धंधा कर रहा है।
अपने मां-बाप की मर्जी से वह शराब तस्करी के धंधे का हिस्सा बन गया। दिल्ली पुलिस ने इस तरह के कारोबार का खुलासा किया है। बच्चा फिलहाल पुलिस के पास है, जबकि बच्चे के मां-बाप समेत तस्करी में लिप्त दंपत्ति फरार है। पुलिस इनकी तलाश कर रही है।
मामला उत्तर पूर्वी जिला के वेलकम इलाके का है। पुलिस को सूचना मिली कि वेस्ट गोरख पार्क का रहने वाली एक दंपति अवैध शराब को एक दस साल के बच्चे से बिकवा रही है।
इस सूचना पर पुलिस की टीम उक्त मकान के पास पहुंची। मकान का दरवाजा बंद था और खिड़की खुली हुई थी। पुलिस की टीम ने देखा कि एक व्यक्ति वहां से शराब का पौवा लेकर जा रहा है।
पास ही दो पेटी में शराब के 95 पौवे रखे हुए थे
पुलिस टीम उक्त मकान पर पहुंची और दरवाजा को खटखटाया। लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। पुलिस ने जबरदस्ती दरवाजा को खोल दिया। अंदर एक दस साल का बच्चा मौजूद था।
पास ही दो पेटी में शराब के 95 पौवे रखे हुए थे। पुलिस ने बच्चे से पूछताछ शुरू की। पूछताछ में पता चला कि बच्चा छज्जुपुर में अपने परिजनों के साथ रहता है। उसने बताया कि गोरखपार्क में रहने वाले दंपति उससे यह धंधा करवाते हैं। दंपति उसे शराब बेचने के एवज में प्रतिदिन दो सौ रुपये देते हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बच्चे के पकड़े जाने के बाद से उसके परिजन फरार हैं। साथ ही शराब की तस्करी में लिप्त दंपति भी अपने घर से गायब हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। फिलहाल अधिकारियों का कहना है कि बच्चे को बाल न्यायालय में पेश किया जाएगा।