क्रिकेटर सुरेश रैना बोले: अभी तो शुरुआत है ध्रुव जुरेल को बहुत आगे जाना है; पिता भी बेटे के प्रदर्शन से खुश
रैना ने कहा कि ध्रुव पहली बार टेस्ट मैच में जिस तरह प्रदर्शन कर रहे हैं वह काबिले तारीफ है, लेकिन उनको यहीं नहीं रुकना है। बल्कि इस तरह की पारी को आगे भी जारी रखनी होगी।
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टेस्ट मैच खेल रहे ध्रुव जुरेल ने 90 रन और फिर 39 रन की पारी खेलने के बाद मैने ऑफ द मैच का खिताब पाकर यह साबित कर दिया कि वह बहुत आगे जाएंगे। हालांकि उन्हें अभी और कड़ी मेहनत करनी होगी। यह तो शुरुआत है। टीम में जगह बनाने के लिए चुनौतियों का सामना करते हुए आगे बढ़ना होगा। ग्रेटर नोएडा स्थित शहीद विजय सिंह पथिक स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित इंडियन वेस्टर प्रीमियर लीग (आईवीपीएल) के दौरान क्रिकेटर सुरेश रैना ने यह बात कही।
रैना ने कहा कि ध्रुव पहली बार टेस्ट मैच में जिस तरह प्रदर्शन कर रहे हैं वह काबिले तारीफ है, लेकिन उनको यहीं नहीं रुकना है। बल्कि इस तरह की पारी को आगे भी जारी रखनी होगी। अगर इसी तरह खेलेंगे तो ही टीम में अपनी जगह बनाने में कामयाब होंगे। हालांकि ध्रुव विकेट कीपर हैं और ऐसे खिलाड़ियों के लिए काफी संभावनाएं टीम में रहती हैं। यह उनके लिए अच्छे अवसर देगी। ध्रुव एक सामान्य परिवार से ताल्लुक रखते हैं और ऐसे में उन्होंने कई चुनौतियों का सामना किया है, लेकिन इनको दूर करते हुए ही आगे बढ़ना है।
जिस तरह ध्रुव ने एक-एक गेंद को बेहद नजदीक आकर उसे पहचानने के बाद खेला है, यह बहुत कम खिलाड़ी कर पाते हैं। जो बॉल जैसी आई उसे उसी तरह से प्लेड किया है। ध्रुव ने धैर्य से खेलते हुए बल्लेबाजी का आनंद लिया और बिना दबाव के खेला है। इसमें उन्होंने छोटे-छोटे लक्ष्य रखकर जो रन बनाए, वह भी तारीफ के काबिल है। खिलाड़ी तेजी से रन बनाने के चक्कर में मैदान पर ज्यादा देर तक नहीं टिक पाता है।
ध्रुव जुनूनी खिलाड़ी हैं और उनमें सीखने की ललक है। वह जिस बात की सोच लेते हैं उसे हर हाल में करने का प्रयास करते हैं। नए उभरते खिलाड़ियों के लिए यह जरूरी है कि वह सीखने की कोशिश करें। -अफजाल, कोच एस्टर एकेडमी, ध्रुव के कोच
दो दिन ध्रुव को अच्छी पारी खेलते हुए देख पूरा परिवार काफी खुश है। अब लगता है कि उनके लिए अभी तक जो मेहनत परिवार और खुद ध्रुव ने की है उसका फल मिलना शुरू हो गया है। -नेमसिंह, ध्रुव के पिता