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कैब कंपनियों के खिलाफ कोर्ट करेगी कार्रवाई

Thu, 11 Dec 2014 01:53 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 11 Dec 2014 01:53 AM IST
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Court will take action against the Cab companies.

दिल्ली हाईकोर्ट ने राजधानी में चल रही रेडियो कैब द्वारा तय नियमों व मापदंड का उल्लंघन करने का आरोप लगाने संबंधी याचिका पर सुनवाई करने का निर्णय किया है।

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याचिका में आरोप लगाया गया है कि तय नियमों के उल्लंघन के कारण ही उबर का कैब चालक 27 वर्षीय युवती से रेप की घटना को अंजाम दे पाया। वहीं, उबर सहित सभी विदेशी कंपनियों से टैक्स वसूली मामले में भी दायर याचिका पर सुनवाई करने का निर्णय लिया गया है।
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मुख्य न्यायाधीश जी. रोहिणी व न्यायमूर्ति आरएस एंडलॉ की खंडपीठ के समक्ष अधिवक्ता दामिनी चावला ने याचिका दायर कर आरोप लगाया कि रेडियो कैब कंपनियां बिना किसी नियम के पालन के चल रही हैं। नियमों का पालन न करने वाली कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई व ठोस दिशा निर्देश तय करने का निर्देश दिया जाए।
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केंद्र सरकार की और से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल संजय जैन ने अदालत को बताया कि हमने पहले ही उचित कदम उठा लिए हैं ऐसे में याचिका का निपटारा कर दिया जाए। खंडपीठ ने उनके आग्रह को खारिज करते हुए कहा कि हम इस याचिका पर सुनवाई करेंगे और आप बताए कि आपने क्या कदम उठाए और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की है। अदालत ने सुनवाई 4 फरवरी 2015 को तय की है।

वहीं, दूसरी ओर उबर सहित गैरकानूनी रूप से चलने वाली कैब व विभिन्न व्यवसाय करने वाली कंपनियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई व टैक्स वसूली के मामले में दायर याचिका पर न्यायमूर्ति बीडी अहमद व न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल की खंडपीठ के समक्ष याची भाजपा नेता केएन गोविंदाचार्य के अधिवक्ता विराग गुप्ता ने कहा कि ये कंपनियां भारतीय कानून का पालन किए बिना भारत में व्यवसाय कर रही हैं।

कंपनियों की गतिविधियां भारतीय सुरक्षा के खिलाफ होने के अलावा बच्चों महिलाओं की सुरक्षा के भी खिलाफ है। यह समाज के प्रति सरासर अपराध है। अदालत ने इस संबंध में कई बार आदेश जारी किया लेकिन उसका पालन नहीं हो रहा। उबर टैक्सी सर्विस का संचालन भी गैरकानूनी रूप से हो रहा है और एमएनसी कर्मचारी से रेप की घटना इसी का परिणाम है। ऐसे में इनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। अदालत ने इस याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई तय की है।


बृहस्पतिवार को तीस हजारी अदालत में यादव को पेश किया जाएगा। उम्मीद है कि पुलिस अब उसकी कस्टडी नहीं मांगेगी क्योंकि पिछली दफे पुलिस ने मोबाइल फोन की बरामदगी की खातिर ही आरोपी की कस्टडी मांगी थी। इसके अलावा पुलिस को युवती के बाल व उसका खून भी कैब से मिला है, इन्हें फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा।

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