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एकमुश्त फीस नहीं भरने पर काटा छात्रा का नाम, हाईकोर्ट ने स्कूल से मांगा जवाब
Wed, 04 Dec 2019 04:13 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 04 Dec 2019 04:13 AM IST
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तीन महीने की फीस एक साथ जमा ना करने पर स्कूल से नाम काटे जाने पर नवीं कक्षा की छात्रा ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। छात्रा की ओर से दायर याचिका पर हाईकोर्ट ने स्कूल और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इस मामले में अगली सुनवाई 10 दिसंबर को होगी।
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न्यायमूर्ति राजीव शकधर ने छात्रा की याचिका पर पीतमपुरा स्थित पीपी इंटरनेशनल स्कूल और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी करके जवाब मांगा है। अदालत ने पूछा है कि छात्रा की तीन महीने की फीस एक साथ जमा ना करने पर छात्रा का नाम क्यों काटा गया जबकि छात्रा के परिजनों ने तीन महीने के बजाए हर महीने फीस भरने की कोशिश की थी।
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यह याचिका पी.पी. इंटरनेशनल की 15 वर्षीय छात्रा करीना बहल के परिजनों ने अधिवक्ता अशोक अग्रवाल के माध्यम से दायर की है। अधिवक्ता अशोक अग्रवाल का कहना है कि छात्रा ने इसी वर्ष स्कूल में नवीं कक्षा में दाखिला लिया था।
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स्कूल की फीस अधिक होने की वजह से छात्रा के परिजनों ने स्कूल से तीन महीने के बजाए हर महीने फीस भरने की अनुमति मांगी थी, लेकिन स्कूल प्रबंधन ने हर महीने फीस लेने से इंकार कर दिया। इसी बीच 2 नवंबर को जब छात्रा स्कूल पहुंची तो उसे बताया गया कि उसका नाम काट दिया गया है, अब वह कक्षा में नहीं बैठ सकती।
छात्रा के परिजनों ने स्कूल प्रबंधन से बात की और पूरी फीस भरने के लिए भी कहा लेकिन स्कूल प्रबंधन ने उनकी कोई बात नहीं सुनी और छात्रा को स्कूल में प्रवेश नहीं दिया।
याचिका में कहा गया है कि छात्रा के परिजनों ने 20 नवंबर को दिसंबर तक तीन महीने की पूरी फीस ऑनलाइन जमा कर दी। इसके बाद परिजनों ने उनकी बेटी को स्कूल में प्रवेश देने के लिए कहा लेकिन स्कूल प्रबंधन ने फीस भरने के बाद भी छात्रा को स्कूल में नहीं आने दिया। इस बाबत पीड़ित परिवार ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।