16 साल से कम होगी लड़की की आयु तो सहमति से शारीरिक संबंध भी माना जाएगा रेप
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दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि लड़की की आयु 16 साल से कम है और उसने संबंध बनाने के लिए अपनी सहमति भी दी है तो ऐसी सहमति का कोई मतलब नहीं है।
कानून की दृष्टि में यह सहमति औचित्यहीन है। अदालत ने रेप के मामले में दोषी की अपील खारिज करते हुए यह टिप्पणी की। रेप के मामले में दोषी विकास को निचली अदालत ने सात वर्ष कैद की सजा सुनाई थी, जिसे उसने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
न्यायमूर्ति एसपी गर्ग ने फैसले में कहा कि यह तय है कि दोनों एक दूसरे को जानते थे। घटना के वक्त लड़की छठी क्लास में पढ़ती थी और वह स्कूल जा रही थी। हालांकि वह स्कूल गई फिर घर गई लेकिन घटना के बारे में तीन दिन बाद बताया था।
एक मामले में सुनाया अदालत ने फैसला
अदालत ने कहा कि लड़की के बयान और गवाहों के बयान से साफ है कि दोनों में संबंध सहमति से बने थे। घटना के समय उसने कोई शोर नहीं मचाया। तीन दिन बाद घटना के बारे में बताया गया।
चिकित्सा जांच में भी जबरन संबंध का जिक्र नहीं है। अदालत ने कहा कि यह मामला अब उम्र पर निर्भर करता है। मौजूदा मामले में लड़की ने अपनी उम्र 14 साल बताई थी और वह 16 साल से कम है। जन्म प्रमाण पत्र से भी स्पष्ट है कि घटना के समय लड़की 14 साल की थी।
अदालत ने कहा ऐसे में विकास को रेप के मामले में दोषी माना जाएगा। अदालत ने फिलहाल उसे कुछ राहत प्रदान करते हुए सात वर्ष की सजा घटाकर पांच वर्ष कर दी।
लड़की का लिखा लेटर भी आरोपी के पास है
पुलिस के मुताबिक यह मामला विवेक विवार इलाके का है। लड़की ने घटना के बाद बयान दिया था कि वह स्कूल जा रही थी तभी आरोपी विकास ने उसके साथ रेप किया था।
घटना के बाद आरोपी फरार हो गया और उसे भगोड़ा घोषित कर दिया गया था। पुलिस ने 3 जून 2011 को चार्जशीट दाखिल की और बाद में 15 अप्रैल 2013 को वह गिरफ्तार किया गया।
आरोपी ने अदालत में तर्क रखा कि उसका लड़की के साथ अफेयर था। उसे फंसाया गया है। उसके वकील ने दलील दी कि लड़की का लिखा लेटर भी आरोपी के पास है। दोनों में जान पहचान थी। दोनों एक दूसरे को जानते थे और लड़की की सहमति से संबंध बनाए गए।