घायलों को अस्पताल पहुंचाने वाले दोषी चालक को अदालत ने छोड़ा
सड़क हादसे में घायल दो लोगों को अस्पताल पहुंचाना दोषी चालक के लिये काफी राहत भरा रहा है। चालक के इस आचरण के मद्देनजर अदालत ने दो माह की सजा को रद कर दिया है। हालांकि अदालत ने उसे एक साल तक नेकचलनी की हिदायत दी है।
मामला दक्षिण पूर्व दिल्ली के फतेहपुर बेरी इलाके की है। साकेत जिला अदालत की विशेष न्यायाधीश सविता राव ने ग्रामीण सेवा चालक प्रदीप तंवर (47) को एक साल की नेकचलनी की शर्त पर छोड़ा है।
अदालत ने कहा कि देश की न्यायिक प्रक्रिया सुधारवाद पर आधारित है। प्रदीप के आचरण के मद्देनजर उसे सुधरने का एक मौका दिया जाना चाहिये। अभियोजन के मुताबिक मामले में शिकायतकर्ता अनूप सिंह व कुलदीप 18 अक्तूबर 2013 को फतेहपुर बेरी इलाके में अपने घर जा रहे थे।
नेकचलनी पर मिली सजा से राहत
उस समय ग्रामीण सेवा ने उन्हें टक्कर मार दी थी। अदालत ने तंवर को नेकचलनी पर छोड़ते हुये 10 हजार रुपये का निजी मुचलका व इतनी ही राशि का जमानती मुचलका भरने का निर्देश दिया है।
इसके साथ ही उसे शांति व नेकचलनी की हिदायत दी है। अदालत ने फिलहाल प्रदीप तंवर को मामले में पीड़ितों को पांच-पांच हजार रुपये मुआवजा देने का निर्देश है। यह मुआवजा न देने पर उसे दो माह की सजा काटनी होगी।
मजिस्ट्रेट ने प्रदीप को लापरवाही से वाहन चलाने, दूसरो की जान जोखिम में डालने, जान जोखिम में डालकर चोट पहुंचाने संबंधी धाराओं में दो माह कैद की सजा सुनाई थी।