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स्याना बवाल : कोर्ट ने राजद्रोह की धारा में नहीं लिया चार्जशीट पर संज्ञान

Tue, 05 Mar 2019 11:08 PM IST
राजेश सैनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बुलंदशहर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बुलंदशहर Published by: राजेश सैनी Updated Tue, 05 Mar 2019 11:08 PM IST
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Court not taking Cognizance on sadition charge in Sayana violance
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

स्याना बवाल प्रकरण में एसआईटी की ओर से दाखिल चार्जशीट पर कोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई की। चार्जशीट में एसआईटी ने सभी 38 आरोपियों को राजद्रोह का दोषी बनाया था, जिस पर अधिवक्ता बचाव पक्ष ने सवाल खड़ा कर दिया। उसके बाद कोर्ट ने चार्जशीट में राजद्रोह (धारा 124 ए) का संज्ञान नहीं लिया। 

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स्याना बवाल मामले की जांच कर रही एसआईटी ने शनिवार को 90 दिन पूरे होने से पूर्व सीजेएम कोर्ट में 38 आरोपियों के खिलाफ 103 पेज की चार्जशीट व 3300 पेज की केस डायरी तैयार कर पेश की थी। इसमें एसआईटी ने आरोपी प्रशांत नट, राहुल, जॉनी, डेविड व लोकेंद्र को इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या, बलवा, राजद्रोह, आदि का आरोपी, जबकि अन्य 33 आरोपियों को राजद्रोह, बलवा, हत्या की कोशिश आदि धाराओं में आरोपी मानते हुए चार्जशीट दाखिल की थी।  
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रविवार व सोमवार को अवकाश के कारण मंगलवार को कोर्ट ने चार्जशीट का संज्ञान लिया। इस दौरान बचाव पक्ष की ओर से मामले में सभी आरोपियों पर राजद्रोह लगाए जाने पर सवाल खड़ा कर दिया। उसके बाद कोर्ट ने मामले में सभी धाराओं का संज्ञान लिया, लेकिन राजद्रोह की धारा में संज्ञान नहीं लिया।
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ऐसे लगती है राजद्रोह की धारा
कानून विशेषज्ञों के अनुसार राजद्रोह की धारा 124 ए को पुलिस चार्जशीट पर तभी फाइल कर सकती है, जब इस संबंध में राज्य या  केंद्र सरकार से स्वीकृति मिली हो। स्याना बवाल प्रकरण में चार्जशीट में एसआईटी ने सभी आरोपियों को राजद्रोह का आरोपी बनाया है लेकिन, अभी तक इस संबंध में कोई सरकारी स्वीकृति पुलिस के पास नहीं है। 


न्यायालय ने स्याना बवाल में एसआईटी की ओर से दाखिल सभी धाराओं में संज्ञान लिया है, लेकिन राजद्रोह की धारा पर संज्ञान नहीं लिया गया है। क्योंकि, एसआईटी के पास अभी तक सरकार द्वारा मामले में राजद्रोह लगाए जाने की स्वीकृति नहीं थी। -ब्रूनो भूषण, अधिवक्ता बचाव पक्ष

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