तिहाड़ के इस कैदी के लिए लॉक अप में लगी अदालत
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तिहाड़ जेल वैन में नीतू दाबोदिया गैंग के दो लोगों की हत्या के सिलसिले में गिरफ्तार नीरज बवाना व समेत सात आरोपियों को खतरे के मद्देनजर पुलिस ने कोर्ट में पेश नहीं किया बल्कि इन आरोपियों के केस की सुनवाई के लिए रोहिणी कोर्ट के लॉक अप रूम में ही अदालत लगाई गई।
इसके बाद महानगर दंडाधिकारी ने सभी आरोपियों को 9 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। जेल वैन में नीतू दाबोदिया गैंग के दो लोगों की हत्या के सिलसिले में गिरफ्तार नीरज बवाना व उसके साथियों को बुधवार को कोर्ट में पेश करना था।
आरोपियों पर हमले की आशंका के मद्देनजर पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश न कर लॉक अप में सुनवाई करने का आग्रह अदालत से किया था जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया।
दंडाधिकारी लॉक अप में गए और वहीं केस की सुनवाई हुई
केस के जांच अधिकारी ने इसके बाद जिला न्यायाधीश के पास आवेदन दायर कर कहा कि गैंगवार व नीरज बवाना पर खतरे के मद्देनजर उसे लॉक अप से लाकर कोर्ट रूम में पेश करना सही नहीं होगा, उस पर हमला हो सकता है, इसलिए लॉकअप में केस की सुनवाई की जाए।
पुलिस के इस आवेदन पर जिला न्यायाधीश ने लॉक अप में ही सुनवाई करने का निर्देश दिया। जिला न्यायाधीश के निर्देश के मद्देनजर महानगर दंडाधिकारी शिरीश अग्रवाल लॉक अप में गए और वहीं केस की सुनवाई की।
पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ पूरी होने का हवाला देते हुए उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने का आग्रह किया। बचाव पक्ष के अधिवक्ता संदीप कुमार की अर्जी पर अदालत ने नीरज बवाना समेत सभी सात आरोपियों की सुरक्षा बढ़ाने का निर्देश तिहाड़ जेल प्रशासन को दिया।
कड़ी सुरक्षा के बीच हुई पेशी
ऐसी ही एक अर्जी बवाना के एक अन्य वकील एमएस खान ने पटियाला हाउस कोर्ट में लगाई। इस अर्जी पर कोर्ट ने जेल प्रशासन को 31 अगस्त तक जवाब पेश करने का निर्देश दिया है।
मंगोलपुरी पुलिस नीरज बवाना व अन्य आरोपियों को करीब 3 बजे कोर्ट लेकर पहुंची थी। गैंगवार के मद्देनजर कोर्ट के बाहर व अंदर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।
बता दें कि मंगलवार को रोहिणी कोर्ट में पेशी के बाद वापस तिहाड़ जेल ले जाते समय मंगोलपुरी फ्लाईओवर के पास जेल वैन में ही पारस व प्रदीप की हत्या कर दी गई थी।