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बीजेपी सांसद-पत्नी पर एफआईआर का निर्देश देने से कोर्ट का इंकार, कारोबारी ने लगाया था मारपीट का आरोप

Fri, 09 Nov 2018 07:49 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 09 Nov 2018 07:49 PM IST
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court has refused to lodge FIR on BJP MP Nishikant Dubey and his wife
patiala house court - फोटो : फाइल फोटो

अदालत ने भाजपा सांसद निशिकांत दुबे व उनकी पत्नी के खिलाफ मिली शिकायत पर एफआईआर का निर्देश देने से इंकार कर दिया है। अदालत ने कहा कि दंपती पर किसी भी आरोप के तहत कोई मामला नहीं बनता। एक रियल एस्टेट कारोबारी ने दंपती पर दो करोड़ की वसूली का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी।

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पटियाला हाउस अदालत के एसीएमएम समर विशाल ने रियल एस्टेट कारोबारी संदीप शर्मा की शिकायत खारिज करते हुए कहा कि यह शिकायत कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग है। शिकायतकर्ता व सांसद तथा उनकी पत्नी के बीच दोस्ताना संबंध थे। शिकायतकर्ता ने सांसद या उसके परिवार पर जो भी खर्च किया, उसने अपनी मर्जी से किया था। दोनों परिवारों के बीच जब संबंध खराब हुए, तो शिकायतकर्ता ने सांसद व उनकी पत्नी के खिलाफ शिकायत दायर कर दी।
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अदालत ने संदीप शर्मा की शिकायत पर तीन अप्रैल 2014 को एफआईआर दर्ज कर जांच का निर्देश थाना तुगलक रोड पुलिस को दिया था। इस एफआईआर में कहा गया था कि दंपती शिकायतकर्ता के घर में 19 नवंबर, 2013 को घुसे और उससे मारपीट की। वसूली का भी आरोप लगाया था।
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दिल्ली पुलिस ने 10 अक्तूबर, 2014 को क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करते हुए कहा कि केस की जांच के दौरान सांसद व उसकी पत्नी के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले हैं। शिकायतकर्ता ने इसके खिलाफ 15 नवंबर, 2014 को विरोध याचिका दायर की थी। इस याचिका का निपटारा करते हुए सत्र अदालत ने 21 जनवरी, 2015 को क्लोजर रिपोर्ट खारिज करते हुए पुलिस को आगे जांच का निर्देश दिया था।


अदालती आदेश पर आगे जांच के बाद दिल्ली पुलिस ने दोबारा क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी। शिकायतकर्ता ने इसके विरोध में 26 नवंबर, 2016 को याचिका दायर की। कोर्ट ने सात अप्रैल 2017 को याचिका खारिज करते हुए पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया था।

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