मीनाक्षी मर्डर: दिल्ली पुलिस और सरकार को नोटिस
आनंद पर्वत क्षेत्र में 11 कक्षा की छात्रा मिनाक्षी की हत्या मामले को लेकर भी हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर हो गई। याचिका में आनंद पर्वत थाना पुलिसकर्मियों पर दोषियों के खिलाफ कारवाई न करने पर रिश्वत लेने का भी आरोप लगाते हुए पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की गई है।
वहीं दिल्ली सरकार को भी इस मामले को राजनीतिक रंग न देने का निर्देश का आग्रह किया गया है। अदालत ने इस मुद्दे पर दिल्ली सरकार व पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
मुख्य न्यायाधीश जी.रोहिणी व न्यायमूर्ति जयंत नाथ की खंडपीठ ने दिल्ली सरकार व पुलिस आयुक्त को स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि क्यों न याचिका स्वीकार कर ली जाए।
जनहित याचिका पर कोर्ट का निर्देश
अदालत ने मामले की सुनवाई 15 सितंबर तय की है। अदालत ने डीयू के प्रो. डॉ.एसएन सिंह द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान यह निर्देश दिया।
याची ने खंडपीठ को बताया कि यदि क्षेत्रीय थाना पुलिस समय पर कार्रवाई करती तो इस हत्यकांड को रोका जा सकता था। उन्होंने कहा कि 8 अक्तूबर 2013 को भी दोषियों शशि,उनके दो बेटो अजय उफ इलु व जय प्रकाश उर्फ सन्नी ने मिनाक्षी व उसकी मां उषा से मारपीट व अभद्र भाषा का प्रयोग करने के संबंध में थाने में शिकायत दी थी।
बावजूद इसके पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। मिनाक्षी के गरीब पिता राजकुमार लगातार कई वर्ष तक थाने में जाते रहे फिर भी पुलिस ने कोई कारवाई नहीं की।
सरकार दे रही है मामले को राजनीतिक रंग
उन्होंने कहा कि 16 जुलाई 15 को तीनों आरोपियों ने लोहे की राड़ व चाकू से हमला कर मिनाक्षी की हत्या कर दी। पुलिस ने फिर भी अभी तक उषा के बयानों के आधार पर उचित प्राथमिकी दर्ज नहीं की। उधर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने परिवार को मिलकर पांच लाख मुआवजे का ऐलान कर दिया लेकिन अभी तक पैसे नहीं दिए।
सरकार विज्ञापन जारी कर दिल्ली पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाकर मामले को राजनीतिक रंग दे रही है। उन्होंने कई चैनलों में दोषी शशि का बयान दिखाया गया है कि उससे पुलिसवालों ने पांच लाख रूपये मांगे और उसने पहली किश्त के रूप में अपने बेटो को बचाने के लिए क्षेत्रीय पुलिस को दो लाख रुपये दिए थे।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक रैली में मरने वाले व्यक्ति के परिवार को 20 लाख रुपये मुआवजा प्रदान किया गया है ऐसे में सरकार को मिनाक्षी के परिवार को भी 20 लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश देने के अलावा पुलिस आयुक्त को दोषी पुलिसकर्र्मियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई का निर्देश दिया जाए। साथ ही मामले की निष्पक्ष जांच के लिए जांच सीबीआई के सुपुर्द की जाए।