कोर्ट ने डीयू से मांगे स्मृति ईरानी के शिक्षा संबंधी दस्तावेज
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केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी के खिलाफ शिकायत के मामले में अदालत ने दिल्ली विश्वविद्यालय को उनकी शिक्षा संबंधी दस्तावेज पेश करने का निर्देश दिया है।
अदालत ने चुनाव आयोग को भी उनका चुनावी हलफनामा पेश करने को कहा है। ईरानी पर अपनी शिक्षा के बारे में झूठी जानकारी देने के आरोप में शिकायत विचाराधीन है। केस की अगली सुनवाई अब तीन मई को होगी।
पटियाला हाउस अदालत के महानगर दंडाधिकारी हरविंदर सिंह ने दिल्ली विश्वविद्यालय व चुनाव आयोग को उपरोक्त दस्तावेज पेश करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने 20 नववंबर, 2015 को भी यह रिकॉर्ड पेश करने का निर्देश दिया था।
शैक्षिक योग्यता के संबंध में झूठी जानकारी देने का है आरोप
हालांकि अदालत ने शिकायतकर्ता अहमद खान के इस आग्रह को खारिज कर दिया कि ईरानी के दसवीं व बारहवीं कक्षा से संबंधित रिकॉर्ड पेश करने का निर्देश सीबीएसई को दिया जाए।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि स्मृति ईरानी ने 2004, 2011 व 2014 में जानबूझकर अपनी शैक्षिक योग्यता के संबंध में झूठी जानकारी चुनाव आयोग को दी। अदालत ने इस शिकायत पर 24 जून 2015 को संज्ञान लिया था।
शिकायत में कहा गया है कि लोकसभा चुनाव 2004 से पहले दिए गए हलफनामे में ईरानी ने खुद को स्नातक बताया था, जबकि जुलाई 2011 में गुजरात से राज्यसभा सदस्यता के लिए दिए गए हलफनामे में अपनी शिक्षा बी. कॉम प्रथम वर्ष बताई थी। तीसरी बार ईरानी ने 16 अप्रैल 2014 को अमेठी लोक सभा सीट के लिए पर्चा भरते समय अपनी शैक्षिक योग्यता बी. कॉम उत्तीर्ण बताई।