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जिला पार्षद ने पीएम मोदी के सामने आत्मदाह की दी धमकी
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Fri, 17 Mar 2017 11:02 PM IST
सार
-साहूपुर गांव में सड़क निर्माण में हुई धांधली की सही जांच न होने पर जताई नाराजगी
-जिला विकास समन्वय एवं निगरानी कमेटी की बैठक में भी उठ चुका था मुद्दा
-केंद्रीय राज्यमंत्री जिला उपायुक्त से पूरे मामले की जांच करने का दे चुके हैं आदेश
-पंचायत के पैसे का आठ करोड़ रुपये सड़क निर्माण में खर्च होने का है मामला
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नरेंद्र मोदी
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
बल्लभगढ़ के साहूपुरा गांव में नई अवैध बनाई गई कॉलोनी में पंचायत के आठ करोड़ रुपये खर्च कर सड़क बनवाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पिछले दिनों जिला विकास समन्वय एवं निगरानी कमेटी में केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने इस मामले को उठाते हुए जिला उपायुक्त समीर पाल सरो से जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
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यही मुद्दा शुक्रवार को जिला परिषद की बैठक में भी उठा। जिला परिषद सदस्य अवतार सारंग ने मुद्दा उठाते हुए कहाकि यदि इस घोटाले की सही जांच नहीं की गई और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वह प्रधानमंत्री मोदी के सामने आत्मदाह करेंगे।
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उनका कहना है कि गांव साहुपुरा की जमीन हुडा ने अधिग्रहीत की थी। इसके कारण ग्राम पंचायत के पास काफी धनराशि आई है। मगर पिछली ग्राम पंचायत ने निजी बिल्डर द्वारा विकसित की गई अवैध कॉलोनी में पंचायत के पैसों से सड़कें बनवा दी।
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जबकि गांव के अंदर आज भी बुरा हाल है। ये पैसा गांव के विकास में खर्च होना चाहिए था लेकिन अधिकारियों ने मिलीभगत करके सरकार के पैसों का दुरूपयेग किया है। वहीं दूसरी ओर केंद्रीय राज्यमंत्री गुर्जर के आदेश पर एसडीएम बल्लभगढ़ इस मामले की जांच कर रहे हैं।
बिजली अफसरों की मनमानी से लोगों की जान संकट में:
वार्ड दो के पार्षद जगत सिंह एडवोकेट ने आरेप लगाते हुए कहा कि भूपानी गांव में बिजली विभाग के अफसरों की मनमानी से लोगों की जान संकट में है। गांव में बिजली के तार नीचे लटक रहे हैं लेकिन उसे कोई देखने वाला नहीं है।
जेई और एसडीओ फोन उठाने को राजी नहीं हैं। सात महीने से 10 बिजली के पोल मांगे जा रहे हैं लेकिन अभी तक कोई पोल नहीं मिला और न ही लटकते तारों को सही किया जा सका। उन्होंने बताया कि तीन दिन पहले एक महिला बिजली की चपेट में आने से झुलस चुकी है। लेकिन बिजली विभाग के अधिकारी गहरी नींद में सो रहे हैं।
सात साल में तीन बार सड़के बनाने का क्या मतलब:
बैठक में जिला परिषद चेयरमैन विनोद चौधरी ने भी सरकारी व्यवस्था पर सवाल उठाया। उन्होंने खंड एवं पंचायत विकास विभाग के अधिकारियों से पूछा कि कौराली गांव में पंचायत की जमीन पर कब्जा करके मकान कैसे बना दिया गया। उसे समय रहते क्यों नहीं रोका गया।
सांझापुर गांव में आरसीसी की सड़क सात साल में तीसरी बार बनाई जा रही है। ऐसा क्यों। सरकार का पैसा इस तरह क्यों बर्बाद किया जा रहा है। इसी गांव में तीन सड़कें लोगों के घरों तक कैसे पहुंच गई। क्या ग्राम सचिव सोते रहे। परिषद के सीईओ ने उक्त मामलों की जांच कराने का भरोसा दिया।
अफसरों को फोन उठाने के आदेश:
-मुख्य कार्यकारी अधिकारी जितेंद्र गांधी ने सभी विभागीय अधिकारियों को आदेश दिया है कि वह जिला पार्षदों का फोन नंबर मोबाइल में फीड कर लें और फोन आने पर जरूर उठाएं। यदि कहीं व्यस्त हैं तो फ्री होने के बाद कॉल बैक करें। ये प्रोटोकॉल भी है और जनप्रतिनिधियों का सम्मान भी।