AAP सरकार पर चीनी खरीद में घोटाले का आरोप, शिकायत दर्ज
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प्याज खरीद में घोटाले का आरोप के बाद अब दिल्ली सरकार पर चीनी खरीद में घोटाले का आरोप लगा है। आरटीआई कार्यकर्ता विवेक गर्ग ने सूचना के अधिकार से मिली जानकारी के आधार पर सरकार पर आरोप लगाते हुए भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) में शिकायत दर्ज कराई है।
उनका आरोप है कि दिल्ली सरकार ने कुछ कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए बाजार में सस्ती दरों पर चीनी उपलब्ध होने के बाद भी महंगी दरों पर भुगतान किया। इसमें सिर्फ संबंधित विभाग का अधिकारी व मंत्री ही नहीं मुख्यमंत्री कार्यालय भी शामिल है।
एसीबी को दी गई शिकायत के मुताबिक दिल्ली सरकार ने फरवरी 2015 से अब तक कुल 1.01 लाख क्विंटल चीनी खरीदी है। यह चीनी दो कंपनियों सैनिक फूड प्राइवेट लिमिटेड से 3390 रुपये प्रति क्विंटल और फ्रोजन फूड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड से 3087 रुपये प्रति क्विंटल में खरीदी गई।
32.99 करोड़ से ज्यादा का भुगतान किया गया
दोनों कंपनियों को इसके लिए कुल 32.99 करोड़ से ज्यादा का भुगतान किया गया। जबकि इस दौरान बाजार में कीमतें कम थी। शिकायतकर्ता के मुताबिक उस दौरान बाजार में अच्छे किस्म की चीनी भी बाजार में 20-22 रुपये के बीच में उपलब्ध थी।
फिर भी सरकार ने नेशनल फैक्ट्री ऑफ शुगर फेडरेशन लिमिटेड (एनएफएसएफएल) और कोआपरेटिव सोसाइटी से सस्ती दरों के बजाए निजी कंपनियों से ज्यादा पैसा देकर चीनी खरीदी।
विवेक ने अपनी शिकायत में कहा है कि ज्यादातर चीनी सितंबर-अक्तूबर में खरीदी गई। उस समय खुदरा बाजार में ही चीनी की कीमत 30 रुपये तक थी। होलसेल बाजार में यह और कम थी। फिर सरकार क्यों निजी कंपनियों से ज्यादा पैसे देकर चीनी खरीद रही है।
शिकायतकर्ता ने मामले की जांच कराने की मांग के साथ ही यह भी कहा है कि, जितना पैसा भुगतान किया गया है वह व्यय वित्त समिति (ईएफसी) की मंजूरी के बिना नहीं होता है। चूंकि सीएम कैबिनेट का मुखिया होता है इसलिए उनका कार्यालय भी इसमें शामिल है।