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Corruption Case : प्राथमिकी में सिर्फ पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन नामजद, 571 करोड़ रुपये के CCTV कैमरे का मामला
Fri, 21 Mar 2025 02:22 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 21 Mar 2025 02:22 AM IST
सार
दिल्ली सरकार की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) प्रमुख संयुक्त पुलिस आयुक्त मधुर वर्मा ने बताया कि सत्येंद्र जैन के खिलाफ आईं काफी शिकायतों में कहा गया है कि सीसीटीवी कैमरे भी पूरे नहीं लगाए गए थे।
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सत्येंद्र जैन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आम आदमी पार्टी की सरकार में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) समेत अन्य विभागों के मंत्री रहे सत्येंद्र जैन के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर दर्ज मामले में सिर्फ उन्हीं को ही नामजद किया गया है। दूसरे नामों को लेकर अन्य लिखा हुआ है।
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दिल्ली सरकार की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) प्रमुख संयुक्त पुलिस आयुक्त मधुर वर्मा ने बताया कि सत्येंद्र जैन के खिलाफ आईं काफी शिकायतों में कहा गया है कि सीसीटीवी कैमरे भी पूरे नहीं लगाए गए थे।
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एसीबी अधिकारियों के अनुसार, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) के कर्मचारी की ओर से दी गई शिकायत में कहा गया है कि 571 करोड़ रुपये की कीमत के सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना में बीईएल पर लगाए गए 16 करोड़ रुपये के जुर्माने को पूर्व मंत्री ने 7 करोड़ रुपये की रिश्वत लेकर माफ कर दिया।
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कंपनी को कुल 1.40 लाख कैमरे लगाने थे। कंपनी पर जुर्माना लगने के बावजूद उसे 1.40 लाख सीसीटीवी लगाने का नया टेंडर भी दे दिया गया। ये भी आरोप है कि कैमरे अच्छी तकनीक व क्वाॅलिटी वाले नहीं थे। इनमें से ज्यादा जगहों पर तो कैमरे लगाए ही नहीं गए। शिकायत में ये भी कहा गया है कि कई जगह लगाए गए कैमरे चले भी नहीं।
शिकायतकर्ता ने कहा कि वह कंपनी की ओर से सीसीटीवी कैमरे लगाने की परियोजना में शामिल था। उसे पता है कि रिश्वत में रकम नकदी में दी व ली गई। एसीबी अधिकारियों का कहना है कि एसीबी अब पीडब्ल्यूडी व बीईएल कंपनी के पदाधिकारियों का पता लगाएगी। उनका डाटा खंगाला जा रहा है। एसीबी कर्मचारियों व पदाधिकारियों का पता लगाने के लिए जल्द ही पीडब्ल्यूडी व बीईएल को पत्र लिखेगी।