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दिल्ली के भ्रष्ट अधिकारी किए जाएंगे जबरन सेवानिवृत्त, मंत्रियों को सूची बनाने के निर्देश
Mon, 08 Jul 2019 04:46 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 08 Jul 2019 04:46 AM IST
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kejriwal and baijal
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भ्रष्ट अधिकारियों पर शिकंजा कसने के लिए दिल्ली सरकार ने एक बार फिर तैयारी शुरू कर दी है। सरकार ने कैबिनेट मंत्रियों को सभी विभागों के ऐसे अधिकारियों व कर्मचारियों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया है, ताकि उन्हें जबरन सेवानिवृत्त किया जा सके।
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इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने दिल्ली के उपराज्यपाल से मिलकर चर्चा की। इससे पूर्व केजरीवाल ने दिल्ली के मुख्य सचिव के साथ भी इस मुद्दे पर विस्तार से विचार किया था।
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इन अधिकारियों को सेंट्रल सिविल सर्विसेस (पेंशन) रूल्स, 1972 के फंडामेंटल रूल 56 (जे) के तहत केंद्र सरकार की तर्ज पर जबरन सेवानिवृत्त किया जाएगा।
केजरीवाल ने वर्ष 2013-14 में 49 दिन की सरकार के दौरान भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई का आदेश दिया था। अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली सरकार के पास अब एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) जैसी एजेंसियां नहीं हैं, इसलिए वह भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दों को केवल उपराज्यपाल के समक्ष प्रस्तुत कर सकती है। ऐसे मामलों में खुद कार्रवाई नहीं कर सकती।
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सरकार का मानना है कि भ्रष्ट अधिकारी लोगों के लिए बनाई जाने वाली कल्याणकारी योजनाओं को बर्बाद करते हैं और जनता के हक के पैसों से अपना घर भरते हैं।
पिछले साढ़े चार वर्ष के दौरान दिल्ली सरकार के संज्ञान में ऐसे कई अधिकारी आए हैं, जिन्होंने लोक कल्याणकारी नीतियों का विरोध किया। सरकार के सूत्रों का कहना है कि कई ऐसे अधिकारी जानकारी में हैं, जिन्होंने कल्याणकारी नीतियों को लागू करने से बेवजह इनकार कर दिया।