Delhi: निगम मूल्यांकन समिति ने की यूनिट एरिया मूल्य में बदलाव की सिफारिश, 13 अगस्त को पेश की थी रिपोर्ट
सेवानिवृत्त आईएएस आनिंदो मजूमदार की अध्यक्षता में पांचवीं निगम मूल्यांकन समिति का गठन पांच अक्टूबर 2021 को किया गया था। इस समिति में अध्यक्ष के अलावा चार अन्य सदस्य हैं। समिति ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट 13 अगस्त को दिल्ली नगर निगम के समक्ष प्रस्तुत कर दी है।
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दिल्ली नगर निगम की पांचवीं मूल्यांकन समिति ने यूनिट एरिया मूल्य में 37 प्रतिशत की वृद्धि की सिफारिश की है। करीब 18 साल से इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।
सेवानिवृत्त आईएएस आनिंदो मजूमदार की अध्यक्षता में पांचवीं निगम मूल्यांकन समिति का गठन पांच अक्टूबर 2021 को किया गया था। इस समिति में अध्यक्ष के अलावा चार अन्य सदस्य हैं। समिति ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट 13 अगस्त को दिल्ली नगर निगम के समक्ष प्रस्तुत कर दी है।
निगम मूल्यांकन समिति दिल्ली के किसी भी वार्ड में खाली भूमि और भवनों का वर्गीकरण करती है और खाली भूमि का प्रति यूनिट के हिसाब से आधार मूल्य निर्धारित करती है। उनके गुणकों को घटाना, बढ़ाना या उनमें किसी प्रकार का बदलाव करने संबंधी निर्णय लेती है। बेस यूनिट एरिया का मूल्यांकन प्रथम निगम मूल्यांकन समिति ने 2004 में किया था। पिछले 18 वर्षों से इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।
मुद्रास्फीति के आंकड़ों का अध्ययन करने के पश्चात समिति ने बेस यूनिट एरिया मूल्यांकन में 37% वृद्धि करने की सिफारिश की है, जोकि विगत 18 वर्षों में मुद्रास्फीति में हुई वृद्धि के मुकाबले काफी कम है। कॉलोनियों के वर्गीकरण में कोई बदलाव नहीं किया है।
दिल्ली में हाल के वर्षों में हुए विकास को देखते हुए एयरोसिटी सहित विमानपत्तन प्राधिकरण के क्षेत्र को अलग कॉलोनी में वर्गीकृत करते हुए ‘डी’ श्रेणी में रखा गया है। अर्द्ध पक्के व कच्चे निर्माण के लिए संरचना कारक को 0.7 व 0.5 की जगह एक समान 0.7 करने की संस्तुति की है जबकि पक्के निर्माण के संरचना कारक को एक पर रखा है।
साल 2010 से 2019 के बीच बने भवनों के आयु गणक 1.1 करने और 2020 से 2029 तक के बनाए जाने वाले भवनों के लिए आयु गणक 1.2 करने की सिफारिश की है। संपत्ति कर विभाग को जीआईएस मैपिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फेसलेस निर्धारण व ब्लॉकचेन के इस्तेमाल पर जोर दिया है। ठोस कचरे के वैज्ञानिक व सतत निस्तारण के लिए पूरे वर्ष 100% गीले कचरे का निस्तारण करने वाली सोसायटियों व कॉलोनियों को संपत्ति कर में 5 फीसदी की छूट देने की सिफारिश की है।
गोल मार्केट को संग्रहालय के रूप में पुनर्स्थापित करने के प्रस्ताव को हरी झंडी
नई दिल्ली नगर पालिका परिषद ने गोल मार्किट को संग्रहालय के रूप में संरक्षित और पुनर्स्थापित करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। यह परियोजना वर्ष 2006 से विभिन्न मुकदमों के कारण लंबित थी। उपराज्यपाल ने गत दिनों गोल मार्केट का निरीक्षण करने के दौरान एनडीएमसी को इस विरासती भवन के जीर्णोद्धार करने के आदेश दिए थे।
एनडीएमसी की बैठक में गोल मार्केट को संग्रहालय के रूप में पुनर्स्थापित और संरक्षित करने के प्रस्ताव को पास कर दिया गया। हालांकि संग्रहालय का थीम अभी तय नहीं किया गया। इस संबंध में बाद में निर्णय लिया जाएगा। गोल मार्केट का पुनर्वास और संरक्षण व आसपास के क्षेत्र का पुनर्विकास किया जाएगा।
इसके अलावा सर्विस ब्लॉक और गोलमार्केट भवन के बीच सिविल वर्क, सर्विस ब्लॉक और सबवे का निर्माण करने की योजना है। इस परियोजना में भवन का उन्नयन, आंतरिक कार्य, विद्युत, प्रकाश (आंतरिक और बाहरी), प्रौद्योगिकी और मल्टीमीडिया कार्य, अग्निशमन कार्य आदि भी शामिल हैं।