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सब्जी-फल मंडियां खुलीं, विक्रेताओं को पहुंचने में करनी पड़ी मशक्कत, फिर जारी हुआ पास
Thu, 26 Mar 2020 10:26 AM IST
पूजा त्रिपाठी
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Thu, 26 Mar 2020 10:26 AM IST
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सब्जी मंडी (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
देशभर में 21 दिन के लॉकडाउन के साथ ही सभी सरकारों की सबसे बड़ी प्राथमिकता है कि वह जनता तक निर्बाध रूप से फल व सब्जियां व अन्य जरूरत के सामान पहुंचा सकें। इसी से निपटने के लिए शहरों की मंडियां खुली हुई हैं और दिल्ली में एग्रीकल्चरल प्रोड्यूस मार्केटिंग कमेटी(एपीएमसी) ने पास देना शुरू कर दिया।
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थोक विक्रेताओं का कहना है कि मंडी में फल और सब्जी की कोई कमी नहीं है लेकिन इसे फुटकर विक्रेता तक पहुंचाना एक बड़ी चुनौती है। लॉकडाउन के चलते फुटकर विक्रेताओं मंडी तक पहुंचने में कठिनाई हो रही है। एपीएमसी के अध्यक्ष आदिल खान ने बताया कि बुधवार को 2500 पास ट्रकों, टेंपो और स्थानीय वाहनों को जारी किए गए हैं। एशिया के सबसे बड़ी सब्जी व फल मंडी आजादपुर में काम करने वाले 400 सफाईकर्मियों को भी पास जारी किया गया है।
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आदिल खान ने बताया कि उन्हें कई ट्रक वालों की शिकायत मिली कि उन्हें आजादपुर मंडी और फुटकर विक्रेताओं तक पहुंचने में परेशानी हो रही है। इसलिए हमने बैठक की और उन्हें पास जारी करने का फैसला लिया। इसकी एक कॉपी लोकल पुलिस और ट्रैफिक पुलिस को भी दी गई है ताकि उन्हें कहीं रोका न जाए।
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सब्जी ट्रेडर एसोसिएशन के सचिव अनिल मल्होत्रा ने आरोप लगाया कि थोक विक्रेता और उनके स्टाफ आजादपुर मंडी नहीं पहुंच सके जिससे उनकी सब्जी व फल सड़ गए। अनिल मल्होत्रा ने कहा कि सरकारी एजेंसियों को बड़ी फुटकर मार्केट तक जाना चाहिए और विक्रेताओं को पास देना चाहिए। इसमें कोई हर्ज नहीं है कि मंडियां दो-तीन दिन ही हफ्ते में चलें लेकिन सरकारों को कोई तरीका निकालना चाहिए जिससे सब्जियों का फलों का प्रवाह बाजार में बना रहे।