दिल्ली में कोरोना वायरस के 4321 नए मामले आए सामने, 28 लोगों की मौत
दिल्ली में शनिवार में कोरोना वायरस के 4321 नए मामले सामने आए हैं। जबकि 28 लोगों की मौत हो गई है। इसी के साथ कुल संक्रमितों की संख्या 2,14,069 हो गई है। दिल्ली में शनिवार को 3141 लोगों को डिस्चार्ज किया गया है। राजधानी में अब तक कुल 1,81,295 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। कोरोना वायरस से दिल्ली में अब तक कुल 4715 लोगों की मौत हो चुकी है। दिल्ली में अभी कुल 28059 सक्रिय मामले हैं।
Delhi reports 4,321 new #COVID19 cases and 28 deaths in last 24 hours; 3,141 people recovered/discharged/migrated.
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Total cases in the national capital rise to 2,14,069 including 4,715 deaths and 1,81,295 recovered/discharged/migrated. Active cases at 28,059: Government of Delhi pic.twitter.com/u0eNfXneBSविज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) September 12, 2020
दिल्ली सरकार ने जानकारी दी है कि शनिवार को राजधानी में 9182 आरटी-पीसीआर जांच और 50894 रैपिड एंटीजन जांच की गई हैं। राजधानी में शनिवार को कुल 60,076 जांच की गई हैं। दिल्ली में अब तक कोरोना वायरस की कुल 20,82,776 जांच की गई हैं। दिल्ली में अभी कुल 15371 मरीज होम आइसोलेशन में हैं। राजधानी में अभी पॉजिटिविटी रेट 10.28 प्रतिशत है। जबकि मृत्यु दर 2.20 प्रतिशत है।
मोहल्ला क्लीनिक में भी होगी कोविड जांच
कोरोना संक्रमण पर लगाम लगाने के लिए दिल्ली सरकार लगातार जांच क्षमता बढ़ा रही है। अब सरकार ने आदेश दिया है कि सभी मोहल्ला क्लीनिक में भी कोविड-19 की जांच की जाएगी। इससे लोगों को अस्पतालों में जांच के लिए इंतजार नहीं करना होगा। घर के पास ही उन्हें यह सुविधा मिल जाएगी।
आम आदमी मोहल्ला क्लीनिक की राज्य नोडल अधिकारी डॉ. शैली कामरा द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, दिल्ली के सभी 450 मोहल्ला क्लीनिक में दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक कोरोना टेस्ट किए जाएंगे।
भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के निर्देशानुसार ही इनमें जांच की व्यवस्था रहेगी। बाद में आईसीएमआर के पोर्टल ही यह ब्योरा अपलोड किया जाएगा। जांच करने के सभी संसाधन सीडीएमओ एवं मिशन निदेशकों द्वारा प्रदान किए जाएंगे। इनमें पीपीई और टेस्ट किट शामिल हैं।
निशुल्क होगी सुविधा
एक अधिकारी के अनुसार, कोविड जांच निशुल्क होगी। रैपिड एंटीजन प्रणाली से सभी रोगियों का टेस्ट किया जाएगा, जिन लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आएगी उनका आरटी-पीसीआर टेस्ट किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर उन्हें भर्ती किया जाएगा या फिर होम आइसोलेशन में भेजा जाएगा, जहां स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार उनकी निगरानी करेंगी।