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मजदूरों के सब्र का बांध टूटा, सड़क पर उतरे, किया प्रदर्शन
Mon, 11 May 2020 09:46 AM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Mon, 11 May 2020 09:46 AM IST
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मजदूर
- फोटो : अमर उजाला
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लॉकडाउन के कारण राजधानी और दूसरी जगहों में फंसे मजदूरों के सब्र का बांध अब टूटने लगा है। मजदूर सड़कों पर उतरने लगे हैं। शनिवार देर रात सीलमपुर इलाके में भारी संख्या में प्रवासी मजदूर इकट्ठे हो गए। मामले की सूचना मिली तो पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में उतर-पूर्वी और शाहदरा जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए। सीलमपुर मेट्रो स्टेशन के सामने रोके गए मजदूरों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन मजदूर मानने को तैयार नहीं थे।
मजदूरों को हटाने के लिए पुलिस को हल्का बल भी प्रयोग करने पड़ा। हालांकि पुलिस अधिकारी बल प्रयोग की बात से साफ इंकार कर रहे हैं। उनका कहना है कि करीब 121 मजदूर सीलमपुर पहुंचे थे। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने सरकार से बातचीत करने और मजदूरों को उनके घर भिजवाने का आश्वासन देकर उनको वापस भेजा। करीब डेढ़ बजे तक यहां हंगामा चलता रहा।
पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक शनिवार देर रात को गांधी नगर इलाके से भारी संख्या में मजदूरों की यूपी बॉर्डर की ओर जाने की सूचना पुलिस को मिली। सूचना के बाद फौरन मजदूरों को सीलमपुर मेट्रो स्टेशन के पास रोक दिया गया। मजदूर वहां जमीन पर बैठकर पुलिस व सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
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शकूरपुर में भी प्रदर्शन, पुलिस के आश्वासन के बाद माने
लॉकडाउन में फंसे प्रवासी मजदूरों के सब्र का बांध शनिवार टूट गया। सैकड़ों की संख्या में मजदूर शकूरपुर इलाके में सड़कों पर प्रदर्शन करने पहुंच गए। मजदूरों का आरोप है कि उन्हें एक वक्त का खाना तक नहीं मिल रहा है और पुलिस उन्हें अपने गृह जाने की इजाजत नहीं दे रही है। मजदूरों के आक्रोश को देखते हुए प्रदर्शन स्थल पर कई थानों की पुलिस को बुला लिया गया।
करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मदद का आश्वासन मिलने के बाद ही मजदूर अपने घरों की ओर वापस लौट गए। मजदूरों का आरोप है कि वह अपनी समस्याओं से कई बार स्थानीय प्रशासन व इलाके के विधायक को अवगत करा चुके हैं। इसके बावजूद किसी तरह की मदद नहीं मिल रही है।
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मजदूरों को हटाने के लिए पुलिस को हल्का बल भी प्रयोग करने पड़ा। हालांकि पुलिस अधिकारी बल प्रयोग की बात से साफ इंकार कर रहे हैं। उनका कहना है कि करीब 121 मजदूर सीलमपुर पहुंचे थे। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने सरकार से बातचीत करने और मजदूरों को उनके घर भिजवाने का आश्वासन देकर उनको वापस भेजा। करीब डेढ़ बजे तक यहां हंगामा चलता रहा।
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पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक शनिवार देर रात को गांधी नगर इलाके से भारी संख्या में मजदूरों की यूपी बॉर्डर की ओर जाने की सूचना पुलिस को मिली। सूचना के बाद फौरन मजदूरों को सीलमपुर मेट्रो स्टेशन के पास रोक दिया गया। मजदूर वहां जमीन पर बैठकर पुलिस व सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
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शकूरपुर में भी प्रदर्शन, पुलिस के आश्वासन के बाद माने
लॉकडाउन में फंसे प्रवासी मजदूरों के सब्र का बांध शनिवार टूट गया। सैकड़ों की संख्या में मजदूर शकूरपुर इलाके में सड़कों पर प्रदर्शन करने पहुंच गए। मजदूरों का आरोप है कि उन्हें एक वक्त का खाना तक नहीं मिल रहा है और पुलिस उन्हें अपने गृह जाने की इजाजत नहीं दे रही है। मजदूरों के आक्रोश को देखते हुए प्रदर्शन स्थल पर कई थानों की पुलिस को बुला लिया गया।
करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मदद का आश्वासन मिलने के बाद ही मजदूर अपने घरों की ओर वापस लौट गए। मजदूरों का आरोप है कि वह अपनी समस्याओं से कई बार स्थानीय प्रशासन व इलाके के विधायक को अवगत करा चुके हैं। इसके बावजूद किसी तरह की मदद नहीं मिल रही है।