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Corona Alert In Delhi: कोरोना से दिल्ली में सात महीने पुराने हालात, बीते आठ दिन में एक लाख संक्रमित और 53 की मौत
Sun, 09 Jan 2022 08:25 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Sun, 09 Jan 2022 08:25 PM IST
सार
पिछली और वर्तमान लहर के बीच बड़ा अंतर अस्पतालों में भर्ती रोगियों की संख्या के रूप में देखने को मिल रहा है। पिछले साल अप्रैल से मई के बीच अस्पतालों में बिस्तरों का संकट था लेकिन अभी 13 फीसदी बिस्तर पर ही मरीज हैं।
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दिल्ली में कोरोना
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
कोरोना महामारी ने दिल्ली को सात महीने पुराने हालात में धकेला दिया है। जहां एक तरफ दैनिक मामलों की वजह से दिल्ली पिछले साल में आई लहर के बराबर पहुंच गई है। वहीं दूसरी ओर संक्रमण दर में लगातार इजाफा राजधानी के सभी जिलों को गंभीर श्रेणी में ला दिया है। यह हालात महज बीते आठ दिन में बदले हैं। इस दौरान दिल्ली में एक लाख से ज्यादा लोग कोरोना संक्रमण की चपेट में आए हैं। जबकि 53 मरीजों ने अस्पतालों में दम तोड़ दिया।
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हालांकि पिछली और वर्तमान लहर के बीच बड़ा अंतर अस्पतालों में भर्ती रोगियों की संख्या के रूप में देखने को मिल रहा है। पिछले साल अप्रैल से मई के बीच अस्पतालों में बिस्तरों का संकट था लेकिन अभी 13 फीसदी बिस्तर पर ही मरीज हैं।
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आंकड़ों के अनुसार एक से आठ जनवरी के बीच दिल्ली में 1,01,519 लोग कोरोना संक्रमित हुए हैं। जबकि 53 मरीजों की मौत हुई है। यह सात महीने पुरानी स्थिति है क्योंकि एक जून से 31 दिसंबर 2021 तक दिल्ली में कुल 21913 लोग कोरोना संक्रमित हुए थे। यानी बीते सात महीने की तुलना में पांच गुना अधिक मरीज आठ दिन में ही मिले हैं। हालांकि इस बीच 410 लोगों की मौत भी हुई।
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इसी तरह दैनिक संक्रमण दर की बात करें तो आठ मई को आखिरी बार 23 फीसदी सैंपल एक दिन में संक्रमित मिले थे लेकिन रविवार को स्वास्थ्य विभाग ने 23.53 फीसदी सैंपल संक्रमित मिलने की जानकारी दी है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी मान रहे हैं कि अगले दो से तीन दिन में दिल्ली पिछले साल की लहर को पार करेगी। इन्होंने आशंका व्यक्त की है कि शायद पांचवीं लहर का पीक इस बार 30 हजार दैनिक मामलों से भी अधिक हो सकता है।
फरवरी मध्य तक आ सकता है दिल्ली में पीक
कोविड विशेषज्ञ डॉ. कमलजीत सिंह कैंथ का कहना है कि दिल्ली में अभी और भी मामले रोजाना देखने को मिल सकते हैं। अनुमान है कि फरवरी मध्य तक दिल्ली में इस लहर का पीक आ सकता है जो करीब एक लाख दैनिक मामलों तक पहुंच सकता है। हालांकि अस्पतालों में भर्ती होने की दर काफी कम है जिसकी वजह से बहुत अधिक चिंता नहीं देखने को मिल रही है। हालांकि यह भी सच है कि एचआईवी और टीबी संक्रमित रोगियों में इस तरह के वायरस के म्यूटेशन की आशंका अधिक रहती है लेकिन अभी तक अध्ययनों में यह भी पता चला है कि कोरोना वायरस के म्यूटेशन लगभग सामने आ चुके हैं और कोई नया बड़ा म्यूटेशन नहीं होगा। इस आधार पर यह माना जा सकता है कि इस लहर के बाद दिल्ली में कोरोना संक्रमण अन्य फ्लू की तरह ही सक्रिय रहेगा।
दो दिन में ही 43 हजार लोग संक्रमित
आंकड़ों की मानें तो आठ और नौ जनवरी को ही दिल्ली के 43 हजार लोग कोरोना संक्रमण की चपेट में आए हैं। आठ जनवरी को एक दिन में 20181 लोग संक्रमित मिले थे। जबकि नौ जनवरी को यह संख्या 22751 दर्ज की गई। अगर सात जनवरी को मिले 17335 मरीज इसमें जोड़ते हैं तो 1,01,519 में से 60,267 लोग बीते तीन दिन में कोरोना की चपेट में आए हैं और इन्हीं तीन दिन में 53 में से 33 मरीजों की मौत हुई है।