बाजार गुलजार, सामाजिक दूरी दरकिनार, ‘दम’ तोड़ रहे कोरोना से बचाव के उपाय
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राजधानी में कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन लोग इससे बचाव के उपाय नहीं अपना रहे हैं। त्योहारों का मौसम शुरू होते ही बाजारों में भीड़ बढ़ने लगे हैं। आलम यह होता है कि लोग सामाजिक दूरी तो दूर, मास्क तक नहीं लगाते हैं। बड़े बाजारों में हालात बेहद खराब है, जबकि छोटे व पटरी बाजारों में स्थिति कुछ हद तक सामान्य है। शुक्रवार को राजधानी के सदर बाजार, करोलबाग, लाजपत नगर, सरोजिनी, पंजाबी बाग जैसे बड़े बाजारों में जबरदस्त भीड़ रही। ऐसा इसलिए कि करवाचौथ चार नवंबर को है और दीपावली भी दूर नहीं है। ‘अमर उजाला’ संवाददाता ने इन बाजारों की पड़ताल की तो ये रही स्थिति -
स्थान : सदर बाजार
समय : दोपहर 2.00 बजे
शुक्रवार को यहां इस कदर भीड़ थी कि मुख्य सड़क पर पैदल चलना मुश्किल था। आमतौर पर यहां सामानों की थोक बिक्री होती है। ऐसे में सदर बाजार के अंदर बड़े पैमाने पर सामानों की खरीदारी व लोडिंग का काम जारी था। मुख्य सड़क की दोनों पटरियों पर रंग-बिरंगी चूड़ियां, लहंगा-चुनरी व आर्टिफिशियल ज्वेलरी की दुकानें लगी थीं, जहां खरीदारी करने के लिए भारी भीड़ नजर आई। सामानों से लदी ठेला गाड़ियां लगातार यहां-वहां घूम रही थीं। सदर बाजार से दिल्ली-एनसीआर के छोटे-बड़े बाजारों में सामान खरीद कर जाता है। यहां खरीदारी करने आए पटेल नगर के दुकानदार नरिन्दर बंसीवाल ने बताया कि इस बार यहां कम भीड़ है। कोरोना काल से पहले इस मौसम में यहां इससे भी अधिक भीड़ रहती थी। सदर बाजार के दुकानदार रमेश ने बताया कि यहां पर चाहते हुए भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना मुश्किल है। बाजार में कम लोग मास्क लगाए दिखे।
स्थान : सरोजिनी बाजार
समय : दोपहर 2.30 बजे
यहां भी जबरदस्त भीड़ नजर आई। यह बाजार कपड़ों, सजावटी सामान, आर्टिफिशियल ज्वेलरी की खरीदारी करने के लिए दिल्ली-एनसीआर में प्रसिद्ध है। त्योहारों का मौसम होने के कारण शुक्रवार को यहां पर बड़ी संख्या में महिलाएं खरीदारी के लिए पहुंचीं। सुबह से शाम तक यहां इतनी ज्यादा भीड़ थी कि लोगों के बीच सामाजिक दूरी का पालन होने का सवाल ही पैदा नहीं होता। यहां पर लोगों ने मास्क तो लगा रखा था, लेकिन केवल मास्क से कोविड-19 के संक्रमण को रोक पाना संभव नहीं है।
स्थान : मयूर विहार फेस-1
समय : शाम 3.30 बजे
इस बाजार में अभी रौनक कम है। पिछले साल करवाचौथ से हफ्ता भर पहले यहां बड़ा पटरी बाजार लग जाता था। यहां अच्छी खासी तादाद में कॉस्मेटिक की दुकान हैं। पटरी बाजार में भी श्रृंगार के समान बेचे जाते थे, जहां आम दिनों में भी खरीदारी करने महिलाओं की भीड़ जुटती थी, लेकिन इस साल यहां पर दुकानों की संख्या कम है। पटरी पर आर्टिफिशियल ज्वेलरी और चूड़ियों की कुछ दुकानें ही खुली थीं। जिन पर खरीदार भी कम ही दिखाई दिए।
महिला दुकानदारों ने कहा...
इस साल केवल सोमवार को ही पटरी बाजार लगाने की छूट है, वरना करवाचौथ से एक हफ्ता पहले से यहां रोज पटरी बाजार लगता था।
-प्रियंका सचिलानिया
- करवाचौथ के मद्देनजर भी अब तक महिलाएं घर से खरीदारी करने नहीं निकली हैं। उम्मीद है कि अगले एक-दो दिन में खरीदारी शुरू होगी।
-राखी राजपूत