{"_id":"5fd7c7298ebc3ec14c61deb1","slug":"corona-patients-still-getting-more-infected-in-rt-pcr","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिल्लीः कोरोना जांच में सबसे ज्यादा संक्रमित सैंपल आरटी पीसीआर के जरिए आ रहे सामने","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिल्लीः कोरोना जांच में सबसे ज्यादा संक्रमित सैंपल आरटी पीसीआर के जरिए आ रहे सामने
Tue, 15 Dec 2020 01:45 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Tue, 15 Dec 2020 01:45 AM IST
विज्ञापन
कोरोना टेस्ट के लिए नमूना एकत्र करता एक स्वास्थ्य कर्मी।
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली में कोरोना वायरस की तीसरी लहर कमजोर होने के साथ ही संक्रमण दर तीन फीसदी से भी नीचे आ चुकी है। अब रोजाना दो हजार से कम कोरोना संक्रमित मरीज भी मिल रहे हैं लेकिन संक्रमण से प्रतिदिन हो रही मौतें और आरटी पीसीआर की संक्रमण दर सबसे ज्यादा है। हर दिन दिल्ली में होने वाली कोरोना जांच में सबसे ज्यादा संक्रमित सैंपल आरटी पीसीआर के जरिए पता चल रहे हैं।
विज्ञापन
बीते 11 दिसंबर की स्थिति पर गौर करें तो आरटी पीसीआर के जरिए 5.14 फीसदी सैंपल कोरोना संक्रमित मिले थे जबकि एंटीजन किट्स के जरिए महज 2.64 संक्रमित मरीजों का पता चला। ठीक इसी तरह सात नवंबर से 11 दिसंबर के बीच बात करें तो आरटी पीसीआर ने 30 फीसदी तक सैंपल कोरोना संक्रमित बताए हैं। जबकि एंटीजन किट्स के जरिए अधिकतम 8.39 फीसदी सैंपल ही संक्रमित मिले हैं। इसी के चलते विशेषज्ञों का कहना है करा राजधानी में अभी भी काफी संख्या में आरटी पीसीआर जांच करना जरूरी है।
विज्ञापन
जोधपुर स्थित इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के पूर्व प्रोफेसर रिजो एम जॉन का कहना है कि दिल्ली में भले ही संक्रमण दर कम है लेकिन आरटी पीसीआर जांच के जरिए सबसे ज्यादा सैंपल कोरोना संक्रमित मिल रहे हैं। ऐसे में सरकार को अब एंटीजन से ज्यादा आरटी पीसीआर जांच पर ही ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि दंटीजन जांच आरटी पीसीआर के मुकाबले सस्ती है लेकिन सरकार को इस वक्त अपना बजट न देखते हुए मरीजों के बारे में सोचना चाहिए।
विज्ञापन
वहीं सफदरजंग अस्पताल के डॉ. जुगल किशोर का कहना है कि आरटी पीसीआर जांच सबसे बेहतर है। कोरोना वायरस को लेकर अब तक दुनिया भर में कई तरह की किट्स और जांच सामने आ चुकी हैं लेकिन सफलता दर सबसे ज्यादा आरटी पीसीआर के जरिए ही संभव है। इसलिए सरकारों को भी इसी तकनीक को बढ़ावा देना जरूरी है। उन्होंने यहां तक कहा है कि अगर आरटी पीसीआर से ज्यादा एंटीजन पर भरोसा किया जाता है तो इससे संक्रमण के मिसिंग मामले भी तेजी से बढ़ सकते हैं।