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खास खबरः मोटे लोगों के लिए जानलेवा बन रहा है कोरोना, 30 फीसदी मरीजों को पड़ी वेंटिलेटर की जरूरत
Thu, 29 Oct 2020 05:04 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अभिषेक पांचाल, नई दिल्ली
अभिषेक पांचाल, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 29 Oct 2020 05:04 AM IST
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मोटापे से ग्रस्त लोगों के लिए कोरोना संक्रमण जानलेवा साबित हो रहा है। दिल्ली के कोविड अस्पतालों में अब तक हुई मौतों में ऐसे मरीजों की एक बड़ी संख्या है, जो पहले से मोटापे से ग्रस्त थे। डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना के जितने मरीज संक्रमित हुए, उनमें से जिन लोगों को वेंटिलेटर की जरूरत पड़ी, उनमें करीब 30 फीसदी लोग मोटापे से पीड़ित थे।
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दिल्ली के सबसे बड़े कोविड अस्पताल एलएनजेपी में भर्ती हुए कोरोना के कुल मरीजों में से 30 फीसदी ऐसे थे, जो मोटापे के शिकार थे। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुरेश कुमार ने कहा कि लोगों में मोटापा बड़ी समस्या है। अगर ऐसे व्यक्ति को कोरोना हो जाता है, तो यह जानलेवा साबित होता है। ऐसे मरीजों के इलाज में परेशानी भी आती हैं, क्योंकि यह लोग पहले से कई तरह की बीमारियों की चपेट में हैं।
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व्यक्ति में मोटापा जितना बढ़ता जाएगा, उसमें बीमारियां होने का खतरा भी बढ़ता जाएगा। हालांकि, अस्पताल के डॉक्टर इनके इलाज पर खास ध्यान दे रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद मोटापा ग्रस्त लोगों में ज्यादा खतरा बना ही रहता है। यहां अब तक जिन लोगों की संक्रमण से मौत हुई है, उनमें करीब 30 फीसदी लोग मोटापे से ग्रस्त थे।
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राजीव गांधी सुपर स्पेशयलिटी अस्पताल के कोविड नोडल अधिकारी डॉक्टर अजीत जैन ने बताया कि मोटापे से पीड़ित लोगों के इलाज पर विशेष ध्यान दिया जाता है। शरीर में अधिक फैट जमा होने के कारण इन मरीजों को डायबिटीज, दिल की बीमारी भी हो जाती है। इससे इनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने लगती है। यही कारण है कि अस्पताल में अब तक हुई कुल मौतों में से करीब 20 फीसदी लोग मोटापा और इससे होने वाली बीमारियों से पीड़ित थे।
इसलिए कोरोना हो रहा घातक साबित
अपोलो अस्पताल के डॉक्टर पीके सिंघल बताते हैं कि मोटे लोगों को कोई भी बीमारी होने की आशंका ज्यादा होती है। मोटापे से पीड़ित लोगों मेें फैट अधिक मात्रा में रहता है। यह लीवर को प्रभावित करता है। इस वजह से ब्लड में ऑक्सीजन की मात्रा कम होने लगती है। यही कारण है कि मोटे लोगों को कोरोना से काफी अधिक खतरा रहता है। अगर इन मरीजों में डायबिटीज की भी समस्या है तो यह रोग इनके लिए काफी घातक साबित होता है।
एम्स के अध्ययन में भी खुलासा
एम्स में हाल में हुए एक अध्ययन के मुताबिक, जिन लोगों का बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) 23 से अधिक होता है, उन्हें कोरोना संक्रमित होने का खतरा बढ़ जाता है। मोटे लोगों में बीएमआई 23 से अधिक ही रहता है। ऐसे लोगों को कोरोना से संक्रमित होने का खतरा दो गुना हो जाता है। 400 लोगों पर किए गए अध्ययन में 300 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव व 100 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव थी। इन लोगों के वजन और लंबाई के हिसाब से बॉडी मास इंडेक्स भी पता किया गया। पॉजिटिव मरीजों में 90 फीसदी का बीएमआई 23 से ज्यादा था।
मोटापा नियंत्रित करने के लिए उपाय
-फाइबर वाली चीजों को अपने खाने में शामिल करें।
-भोजन में सब्जियां और फल को सेवन अधिक करें।
-वजन कम करने के लिए नियमित रूप से व्यायाम करें।