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किसानों के समर्थन में कोरोना को भूलने लगे नेता जी, वायरस का विस्फोट हुआ तो कौन होगा जिम्मेदार!

Mon, 07 Dec 2020 02:12 PM IST
प्राची प्रियम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: प्राची प्रियम Updated Mon, 07 Dec 2020 02:12 PM IST
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Corona guidelines neglected in Farmers protest political leaders also joins them forgeting precautions
नियमों की उड़ रहीं धज्जियां, पहुंच रहे नेता - फोटो : ANI

कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का प्रदर्शन लगातार 12वें दिन जारी है। कानून वापस लेने की मांग पर अड़े किसान बीते 12 दिनों से सिंघु, टीकरी, चिल्ला और दिल्ली-गाजियाबाद बॉर्डर पर डटे हुए हैं। हजारों की संख्या में किसानों ने आंदोलन शुरू किया था और समय के साथ किसानों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। चिंताजनक बात यह है कि एक ओर देश कोरोना संक्रमण के फैलने से परेशान है, लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग का पाठ पढ़ाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर आए दिन किसानों के प्रदर्शन स्थल पर नेता राजनेता पहुंच रहे हैं।

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प्रदर्शन स्थल पर इतनी बड़ी संख्या में किसान इकट्ठे हैं कि कोरोना संक्रमण से बचाव के नियमों का पालन नहीं हो पा रहा है। शायद ही कुछ लोग मास्क पहने हुए दिखते हैं। ऐसे में सवाल यह है कि अगर उन जगहों पर कोरोना का एक भी मामला मिल गया तो उसके भयंकर परिणाम का जिम्मेदार कौन होगा।
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क्या किसानों के समर्थन में पहुंचने वाले नेता-राजनेता इसकी जिम्मेदारी लेंगे? क्या प्रदर्शनकारी किसानों और उनके समर्थक नेताओं को संभावित खतरे का अनुमान नहीं है? या फिर जानबूझकर बरती जा रही इस लापरवाही की सजा किसे मिलेगी? 
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सोमवार को केजरीवाल पहुंचे सिंघु बॉर्डर
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आज सुबह दिल्ली-हरियाणा के सिंघु बॉर्डर पर पहुंचे। केजरीवाल के साथ उनकी पूरी कैबिनेट भी थी। यहां वह दिल्ली सरकार द्वारा किसानों के लिए किए गए इंतजामों का जायजा लेने पहुंचे थे। इस तरह किसानों का आंदोलन चलने के दौरान सिंघु बॉर्डर पहुंचने वाले केजरीवाल पहले मुख्यमंत्री बन गए हैं।

चंद्रशेखर भी पहुंचे थे यूपी गेट
इससे पहले भीम आर्मी के प्रमुख चंदशेखर आजाद भी दिल्ली-गाजियाबाद बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसानों के बीच पहुंच गए थे। वहां पहुंचकर उन्होंने कहा था कि हम किसानों के साथ खड़े हैं। उन्होंने आंदोलनरत किसानों को खाने के लिए केले भी बांटे थे। 


कांग्रेस नेता उदित राज भी हुए थे शामिल
कांग्रेस के दिग्गज नेता उदित राज भी गाजियाबाद बॉर्डर पर किसानों के  प्रदर्शन में शामिल होने के लिए पहुंचे थे। उन्होंने बहुत देर तक किसानों के बीच बैठकर बातचीत की थी। इसके बाद उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए आंदोलन जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया था। 

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