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बड़ी चुनौती है दिल्ली में कोरोना की दोगुना जांच, 10 दिन बाद भी लक्ष्य के करीब नहीं है सरकार
Thu, 26 Nov 2020 03:29 AM IST
दुष्यंत शर्मा
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 26 Nov 2020 03:29 AM IST
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Corona check
- फोटो : अमर उजाला
राजधानी में कोरोना की दोगुना जांच फिलहाल बड़ी चुनौती बना हुआ है। बीते 10 दिन में सरकार इस लक्ष्य के करीब तक नहीं पहुंच पाई है। दिवाली से पहले दिल्ली में रोजाना करीब 60 हजार सैंपल की जांच हो रही थी। इसके बाद कुछ समय तक यह आंकड़ा 50 फीसदी तक कम रहा, लेकिन इसके बाद फिर से जांच पर जोर देने से 60 हजार जांच तक पहुंच चुके हैं, परंतु अभी इनकी संख्या दोगुना होने में समय लग सकता है।
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आंकड़ों पर गौर करें तो 24 नवंबर को 61,381 जांच हुई थी। इनमें 10.14 फीसदी सैंपल कोरोना संक्रमित मिले। 23 नवंबर को 37,307 सैंपल में से 11.94 फीसदी संक्रमित मिले। 22 नवंबर को 54,893 और 21 नवंबर को 45562 सैंपल की जांच हुई थी। इनमें क्रमश: 12.29 और 12.90 फीसदी पॉजिटिव पाए गए।
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इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के पूर्व प्रोफेसर रिजो एम जॉन का कहना है कि दिल्ली में जांच का स्तर अभी भी स्थिति के अनुसार बेहद कम है। हालांकि, आरटी-पीसीआर जांच में 20 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। कुछ दिन पहले तक दिल्ली में महज 20 फीसदी जांच आरटी-पीसीआर तकनीक से हो रही थी, जबकि 80 फीसदी सैंपल एंटीजन किट के जरिए जांचे जा रहे थे।
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यह स्थिति तब थी जब एंटीजन किट को आरटी-पीसीआर की तुलना में कम भरोसेमंद माना जा रहा है। फिलहाल रोजाना लगभग 40 फीसदी जांच आरटी-पीसीआर तकनीक से हो रही हैं। दिल्ली में अभी औसतन 55 हजार जांच रोज हो रही हैं।
दरअसल, 15 नवंबर को केंद्र सरकार के साथ बैठक में फैसला लिया गया था कि दिल्ली में कोरोना पर नियंत्रण के लिए जांच को दोगुना कर दिया जाए, लेकिन 10 दिन गुजरने के बाद भी जांच की रफ्तार मंद गति से चल रही है। आंकड़ों पर गौर करें तो दिल्ली में पहला पीक जून और दूसरा पीक सितंबर में आया था। इन दोनों की तुलना फिलहाल चल रहे तीसरे पीक से करें तो जांच के आंकड़ों में काफी अंतर है। दिल्ली में अब तक सबसे ज्यादा जांच 11 नवंबर को 64121 हुई हैं।