बीमारी दूर करने के नाम पर धर्म परिवर्तन की कोशिश
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ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर कोतवाली क्षेत्र के कुलेसरा गांव में धर्म परिवर्तन को लेकर जमकर हंगामा हुआ। आरोप है कि एक दलित परिवार के लड़के की बीमारी दूर करने के नाम पर एक परिवार को फंसाया गया और परिवार का धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश की गई।
घटना का पता चलते ही ग्रामीणों ने हंगामा किया और मौके पर भाजपा नेता भी पहुंच गए। पुलिस ने इस मामले में आठ लोगों को हिरासत में लिया है।
जानकारी के मुताबिक कुलेसरा गांव के एक मकान में ईसाई धर्म के लोग कई साल से प्रार्थना आयोजित कर रहे हैं। आरोप है कि यहां धर्मपरिवर्तन कराया जाता है।
इन लोगों के संपर्क में बिजेंद्र नामक शख्स आया। उसने अपने बेटे की आवाज न होने की बात कही। आरोप है कि इन लोगों ने बिजेंद्र को झांसे में लेकर का कि अगर वह उसे देवी-देवताओं की पूजा बंद कर देगा और यीशू की प्रार्थना करेगा तो उसका बेटा बोलने लगेगा।
भाजपा के नेताओं ने धार्मिक स्थल पर किया बवाल
बिजेंद्र के बेटे सोनू का कहना है कि उनके परिवार में रक्षा बंधन का त्योहार भी नहीं मनाया गया, क्योंकि ऐसा करने से उन लोगों ने मना किया था। जिस पर सोनू ने हंगामा कर दिया।
ये खबर जब ग्रामीणों को लगी तो वह प्रार्थना स्थल पर पहुंचे और जमकर बवाल किया। खबर मिलने पर भाजपा जिलाध्यक्ष हरीश ठाकुर और भाजयुमो जिलाध्यक्ष रवि जिंदल समेत कई कार्यकर्ता भी वहां हंगामा करने लगे।
भाजपा नेता कपिल जेंहर और बिजेंद्र के बेटे ने प्रार्थना स्थल पर धर्मपरिवर्तन के प्रयास का आरोप लगाया है। पुलिस ने मौके से आठ लोगों को हिरासत में लिया है।
सूरजपुर पुलिस का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है, अभी धर्मपरिवर्तन जैसी कोई बात नहीं है। बिजेंद्र के बेटे सोनू का कहना है उसके परिवार को दबाव में लेकर धर्म परिवर्तन का प्रयास किया गया, लेकिन उससे पहले ही उनका भंडाफोड़ कर दिया गया।
एसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह का कहना है कि कुलेसरा में कुछ लोग एक प्रार्थना में शामिल हुए थे और धर्म परिवर्तन जैसी कोई बात नहीं हुई है। कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है उसके बाद ही आगे की कार्रवाई कराई जाएगी।