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बाल्मीकी समुदाय धार्मिक स्थल मामला : मंदिर कमेटी ने ली अदालत की शरण
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Sun, 20 Mar 2016 09:18 AM IST
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Controversy
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शहर के पुराने गुड़गांव-अलवर मार्ग स्थित बाल्मीकी समुदाय के धार्मिक स्थल को हटाए जाने के बाद उपजे विवाद के चलते शनिवार को मंदिर कमेटी ने अदालत की शरण लेकर मंदिर गिराए जाने पर फिलहाल रोक लगवा दी है।
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मंदिर समिति द्वारा इस क्रम में अदालत में एक ऐतराज फाइल दायर की गई है। जिसमें अदालत द्वारा शिकायकर्ता को 12 अप्रैल के दिन अदालत में जवाब दावा दाखिल करने को कहा है। वहीं इसको लेकर उपजे विवाद के बाद फिरोजपुर झिरका के तहसीलदार ने विवादित स्थल का मौका मुआयना किया।
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बता दें कि पिछले सप्ताह फिरोजपुर झिरका की अदालत ने स्थानीय निवासी भीमसिंह की लंबित शिकायत पर फैसला देते हुए पीडब्ल्यूडी बीएण्डआर की जमीन पर अवैध रूप से बने बाल्मीकी समुदाय के धार्मिक स्थल को हटाने का फैसला सुनाया था।
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इस फैसले के बाद बाल्मीकी समुदाय के लोग भड़क गए। जिसके बाद धार्मिक स्थल को ढहाने पहुंची नगर पालिका प्रशासन की टीम को समुदाय के लोगों का विरोध सहना पड़ा और उन्हें मौके से वापस लौटना पड़ा। इस क्रम में मंदिर समिति द्वारा शनिवार को अदालत की शरण ली गई।
इस बीच समिति ने दावा किया कि मंदिर 50 साल पुराना है और वह उनकी आस्था का प्रतिक है। मंदिर समिति द्वारा अदालत में दायर की गई ऐतराज फाइल पर अदालत ने इस संबंध में 12 अप्रैल तक यथास्थिति बनाए रखने का फैसला दिया है।
वहीं शिकायकर्ता से इस संबंध में अपना जवाब दावा दाखिल करने को कहा है। वहीं धार्मिक स्थल को लेकर उपजे विवाद के बाद बाल्मीकी समुदाय के लोगों ने मेवात के अतिरिक्त उपायुक्त से इस मामले में न्याय की गुहार लगाई है।
जिसके बाद एडीसी के आदेश के बाद फिरोजपुर झिरका के नायब तहसीलदार ने मौके पर जाकर विवादित स्थल का मौका ए मुआयना किया। और एक जवाब बनाकर उच्च अधिकारियों को भेज दिया है। नायब तहसीलदार चेतराम शर्मा ने बताया कि इस मामले में लॉ एंड ऑर्डर का पूरे तरीके से पालन किया जाएगा।