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दिल्ली विधानसभा चुनावः बयानों के तीर और विरासत के वीर

Wed, 29 Jan 2020 05:37 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 29 Jan 2020 05:37 AM IST
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Controversial speeches in delhi assembly elections 
amanatullah khan

आम आदमी पार्टी (आप) विधायक अमानतुल्लाह खान मूलत: उत्तर प्रदेश के मेरठ के रहने वाले हैं। जामिया मिलिया इस्लामिया से 12वीं तक पढ़ाई करने के बाद परिवार के काम में हाथ बंटाने लगे। युवावस्था में राजनीति में कदम रखा। आप में आने से पहले दो बार लोक जन शक्ति पार्टी के टिकट पर चुनाव भी लड़ा था। 2013 के विधान सभा चुनाव के बाद उन्होंने हवा का रुख भांपा और 2015 के चुनाव से पहले आप में शामिल हो गए। पार्टी ने उनको ओखला विधान सभा से टिकट दिया और विधायक बनने में कामयाबी मिली। पार्टी ने उनका कद बढ़ाते हुए दिल्ली वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष भी बनाया। हालांकि, बीते पांच सालों में अपने तल्ख बयानों से पार्टी को कई बार संकट में भी डाला है।

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विवादित बोल:
1 . नरेद्र मोदी और अमित शाह जब तीन तलाक बिल लाए थे तो हमारी खामोशी को बुझदिली समझ लिया था। आज जो दोनों की जोड़ी हम लोगों पर जुल्म कर रही है, देश को तोड़ रही है, उसके खिलाफ हम सड़कों पर हैं।
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2. कुमार विश्वास राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ व भाजपा के एजेंट हैं। वह आप को तोड़ने की साजिश रच रहे हैं।
3. कम सैलरी से बच्चों की फीस नहीं भर पा रहे थे। अगर वे फीस का इंतजाम कर पाते तो कई महीने पहले कर चुके होते, पर इतनी कम सैलरी में बच्चों की फीस कैसे भर सकते हैं।
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विवादों से रहा है नाता:
1. दिल्ली सरकार के पूर्व मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के साथ मारपीट मामले में आरोपी, हुए गिरफ्तार।
2. दिल्ली वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष पद पर नियुक्ति का मामला अदालत पहुंचा, भ्रष्टाचार और अनियमितता का आरोप।
3. रिश्तेदार ने मारपीट का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी।
4. सिग्नेचर ब्रिज के उद्घाटन समारोह में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी पर धक्का देने का लगाया था आरोप।
 

प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने पिता की संभाली विरासत

Controversial speeches in delhi assembly elections 
Pravesh Verma

42 वर्षीय प्रवेश वर्मा सांसद बनने से पहले 2013 में महरौली विधानसभा से विधायक रह चुके हैं। डीपीएस आरके पुरम से 12वीं तक पढ़ाई करने के बाद वर्मा ने किरोड़ीमल कॉलेज से स्नातक और इसके बाद व्यापार प्रशासन में स्नातकोत्तर की पढ़ाई की है। दिवंगत साहिब सिंह वर्मा की राजनीतिक विरासत संभाल रहे पश्चिमी दिल्ली के सांसद प्रवेश वर्मा का विवादों से पुराना नाता रहा है।

बीते लोकसभा चुनाव में दिल्ली में सबसे बड़ी और देश की छठी सबसे बड़ी जीत हासिल करने वाले वर्मा अपने बयानों के कारण कई बार विवादों में घिरे हैं। बतौर सांसद पहले कार्यकाल में वर्मा ने 18 दिसंबर 2016 को कहा था - मुसलमानों ने ना कभी भाजपा को वोट दिया है और ना ही कभी देंगे। हमें सोचना होगा कि आखिर हर आतंकवादी मुस्लिम ही क्यों है-। इसके बाद 18 जून को उन्होंने दिल्ली के उपराज्यपाल को पत्र लिख कर सरकारी जमीन पर मस्जिद निर्माण का आरोप लगाते हुए ऐसे मस्जिदों को हटाने की मांग की थी। 

विवादित बयान 
शाहीन बाग में लाखों लोग जमा होते हैं। दिल्ली के लोगों को सोचना होगा। फैसला कराना होगा। एक दिन वे आपके घरों में घुसेंगे, आपकी बहन-बेटियों से बलात्कार करेंगे, उनका कत्ल कर देंगे। अब भी वक्त है। कल को मोदी जी और अमित शाह आपको बचाने नहीं आ पाएंगे।

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