{"_id":"5df250608ebc3e880f00370c","slug":"consumer-court-big-decision-in-death-of-international-player","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"इंटरनेशनल खिलाड़ी की मौत मामले में कोर्ट का बड़ा फैसला, अस्पताल देगा 50 लाख का मुआवजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इंटरनेशनल खिलाड़ी की मौत मामले में कोर्ट का बड़ा फैसला, अस्पताल देगा 50 लाख का मुआवजा
Thu, 12 Dec 2019 08:06 PM IST
शाहरुख खान
ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 12 Dec 2019 08:06 PM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्केटिंग के अंतर्राष्ट्रीय स्तर के बाल खिलाड़ी की इलाज के दौरान हुई मौत के मामले में उपभोक्ता अदालत ने अस्पताल को पीड़ित मां-बाप को लगभग पचास लाख रुपया मुआवजा देने का आदेश दिया है।
पंद्रह साल पहले हुई मौत के इस मामले में अपराधिक मुकदमे की सुनवाई अभी चल रही है। मामला नरेला के रहने वाले ग्यारह वर्षीय खिलाड़ी कोमल खत्री से जुड़ा है।
रोलर स्केटिंग खेल से जुड़े ग्यारह वर्षीय खिलाड़ी कोमल को उसके पिता कर्मवीर खत्री ने तीस सितंबर, 2004 को इलाज के लिए पीतमपुरा स्थित श्री बालाजी अस्पताल में भर्ती करवाया था।
नाक के मामूली से ऑपरेशन के दौरान कोमल की ऑपरेशन टेबल पर ही मौत को गई। बेटे की मौत से गहरे सदमे में आए खत्री दंपती ने मामले की जांच की मांग करते हुए अस्पताल के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवा दिया।
विज्ञापन
जांच में यह सामने आया कि एनेस्थिसिया की ओवरडोज की वजह से कोमल खत्री की मौत हुई। खत्री दंपती ने अस्पताल तथा डॉक्टरों के खिलाफ दिल्ली की उपभोक्ता अदालत में भी मामला दायर किया।
विज्ञापन
पंद्रह साल पहले हुई मौत के इस मामले में अपराधिक मुकदमे की सुनवाई अभी चल रही है। मामला नरेला के रहने वाले ग्यारह वर्षीय खिलाड़ी कोमल खत्री से जुड़ा है।
रोलर स्केटिंग खेल से जुड़े ग्यारह वर्षीय खिलाड़ी कोमल को उसके पिता कर्मवीर खत्री ने तीस सितंबर, 2004 को इलाज के लिए पीतमपुरा स्थित श्री बालाजी अस्पताल में भर्ती करवाया था।
विज्ञापन
नाक के मामूली से ऑपरेशन के दौरान कोमल की ऑपरेशन टेबल पर ही मौत को गई। बेटे की मौत से गहरे सदमे में आए खत्री दंपती ने मामले की जांच की मांग करते हुए अस्पताल के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवा दिया।
विज्ञापन
जांच में यह सामने आया कि एनेस्थिसिया की ओवरडोज की वजह से कोमल खत्री की मौत हुई। खत्री दंपती ने अस्पताल तथा डॉक्टरों के खिलाफ दिल्ली की उपभोक्ता अदालत में भी मामला दायर किया।
स्टेट कमीशन ने वर्ष 2005 में दायर इस मामले की लगातार सुनवाई करते हुए लगभग पंद्रह साल बाद फैसला सुनाया है। कमीशन के सदस्यों अनिल श्रीवास्तव और ओपी गुप्ता ने अपने फैसले में लिखा है कि नाक के मामूली ऑपरेशन के दौरान हुई ग्यारह वर्षीय खिलाड़ी की मौत से उसके परिवार को गहरा सदमा पहुंचा।
कमीशन ने माना ने सुनवाई में लंबा समय भी लगा है। पीड़ित परिवार को मुआवजे के तौर पर बीस लाख रुपये की राशि नौ प्रतिशत की सालाना ब्याज दर से चुकाने का आदेश दिया गया है।
ब्याज की गणना कोमल खत्री की मौत के दिन से मुआवजा अदा किए जाने के दिन तक की जाएगी। साथ ही कमीशन ने मुकदमे खर्चे के लिए भी दो लाख रुपये पीड़ित परिवार को देने का आदेश दिया है। सारी राशि कोर्ट का लिखित आदेश मिलने के डेढ़ माह के भीतर अदा करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
मुआवजे की रकम अस्पताल और डॉक्टर मिलकर अदा करेंगे
स्टेट कमीशन ने बालाजी अस्पताल के संचालक डॉक्टर आर के गुप्ता, ईएनटी स्पेशलिस्ट डॉक्टर अनिल हांडा व एनेस्थिसिया स्पेशलिस्ट डॉक्टर विवेक मंगला को कोमल खत्री के मां-बाप को मुआवजा देने का आदेश दिया है।
कोमल के पिता ने बताया कि बेटे की मौत के बाद पूरा परिवार टूट गया था। उन्होनें न्याय व्यवस्था में आस्था जताते हुए कहा है कि अपराधिक मामले की सुनवाई पूरी जाने के बाद दोषियों को उनके किए की सजा मिलेगी।
कमीशन ने माना ने सुनवाई में लंबा समय भी लगा है। पीड़ित परिवार को मुआवजे के तौर पर बीस लाख रुपये की राशि नौ प्रतिशत की सालाना ब्याज दर से चुकाने का आदेश दिया गया है।
ब्याज की गणना कोमल खत्री की मौत के दिन से मुआवजा अदा किए जाने के दिन तक की जाएगी। साथ ही कमीशन ने मुकदमे खर्चे के लिए भी दो लाख रुपये पीड़ित परिवार को देने का आदेश दिया है। सारी राशि कोर्ट का लिखित आदेश मिलने के डेढ़ माह के भीतर अदा करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
मुआवजे की रकम अस्पताल और डॉक्टर मिलकर अदा करेंगे
स्टेट कमीशन ने बालाजी अस्पताल के संचालक डॉक्टर आर के गुप्ता, ईएनटी स्पेशलिस्ट डॉक्टर अनिल हांडा व एनेस्थिसिया स्पेशलिस्ट डॉक्टर विवेक मंगला को कोमल खत्री के मां-बाप को मुआवजा देने का आदेश दिया है।
कोमल के पिता ने बताया कि बेटे की मौत के बाद पूरा परिवार टूट गया था। उन्होनें न्याय व्यवस्था में आस्था जताते हुए कहा है कि अपराधिक मामले की सुनवाई पूरी जाने के बाद दोषियों को उनके किए की सजा मिलेगी।
होनहार खिलाड़ी था कोमल खत्री
मौत से तीन-चार माह पूर्व ही मई माह में कोमल ने बेल्जियम में आयोजित प्रतियोगिता में पहला स्थान प्राप्त कर देश का मान बढ़ाया था। वह इटली में हुई प्रतियोगिता में भी भाग ले चुका था। देश में आयोजित सीबीएसई प्रतियोगिता तथा स्कूल नेशनल में भी कोमल अपना परचम लहरा चुका था। कोमल की याद में उसके परिजनों ने बवाना स्थित राजीव गांधी खेल स्टेडियम में बेटे की याद में स्केटिंग रिंक बनवाकर सरकार को सौंपा है।
मौत से तीन-चार माह पूर्व ही मई माह में कोमल ने बेल्जियम में आयोजित प्रतियोगिता में पहला स्थान प्राप्त कर देश का मान बढ़ाया था। वह इटली में हुई प्रतियोगिता में भी भाग ले चुका था। देश में आयोजित सीबीएसई प्रतियोगिता तथा स्कूल नेशनल में भी कोमल अपना परचम लहरा चुका था। कोमल की याद में उसके परिजनों ने बवाना स्थित राजीव गांधी खेल स्टेडियम में बेटे की याद में स्केटिंग रिंक बनवाकर सरकार को सौंपा है।