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जनरेटर से ज्यादा निर्माण कार्य से प्रदूषित हो रहे शहर, वाहन निकलते ही धूल के गुब्बार में गुम हो रहा द्वारका एक्सप्रेसवे
Sat, 17 Oct 2020 05:47 PM IST
पूजा त्रिपाठी
अमर उजाला नेटवर्क, गुरुग्राम
अमर उजाला नेटवर्क, गुरुग्राम
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Sat, 17 Oct 2020 05:47 PM IST
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द्वारका एक्सप्रेस वे पर लापरवाही से किया जा रहा कार्य, हादसा होने का बना हुआ है डर
- फोटो : अमर उजाला
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जनरेटर के धुएं से ज्यादा प्रदूषण शहर में वाहनों के साथ उड़ रही धूल से हो रहा है। भले ही पर्यावरण प्रदूषण ( बचाव एवं नियंत्रण) प्राधिकरण (ईपीसीए) ने प्रदूषण रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम करने के आदेश दिए हैं, लेकिन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की इसे देखकर भी अनदेखा कर रहा है।
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शहर में द्वारका एक्सप्रेस वे के निर्माण का कार्य चल रहा है। निर्माण करने वाली कंपनी बेहद लापरवाही से कार्य कर रही है। कंपनी की तरफ से सड़क पर उड़ रही धूल को रोकने का कोई इंतजाम नहीं किया गया है। यहां वाहनों के निकलने के साथ ही पूरी सड़क धूल के गुब्बार में गुम हो जाती है।
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केवल द्वारका एक्सप्रेसवे ही नहीं बल्कि पालम विहार से द्वारका एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाली सड़क का निर्माण कार्य भी चल रहा है। यह कार्य पीडब्ल्यूडी की तरफ से किया जा रहा है। यहां भी धूल के कारण लोगों का बुराहाल हो रहा है।
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द्वारका एक्सप्रेसवे निर्माण कर रही कंपनी एनएचएआई की कार्रवाई के डर से कभी कभार पानी का छिड़काव तो करवाती है, लेकिन यह महज दिखावा होता है। चंद मिनटों बाद ही सड़कें धूल के गुब्बार में गुम हो जाती हैं।
दिल्ली एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए ईपीसीए ने गैर जरूरी कार्यों के लिए जनरेटर चलाने पर पाबंदी लगाई है। इससे प्रदूषण स्तर को कम करने में मदद मिलेगी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने ईपीसीए के आदेशों के बाद जनरेटर पर रोक लगाने के लिए पूरा जोर लगा दिया है, लेकिन सड़क पर उड़ रही धूल की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि निर्माण स्थलों पर किए जाने वाले कार्यों के लिए ठेकेदारों को निर्देश दिए गए हैं कि वह जनरेटर नहीं चलाएंगे, लेकिन सड़क पर उड़ रही धूल को रोकने के इंतजाम करने के लिए कोई निर्देश नहीं दिए।
निर्माण स्थल पर उड़ रही धूल पर संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रदूषण किसी भी कारण से फैल रहा हो, उसे रोका जाएगा।-कुलदीप सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी, हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड