आईटी कंपनी के लिए छोड़ा गए रास्ते पर कब्जा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सेक्टर-126 रायपुर में दिल्ली के दो भूमाफिया आईटी कंपनी के लिए
23
और 25 जनवरी को नोएडा सॉफ्टवेयर आईटीज इंफ्रास्ट्रक्चर एसोसिएशन की तरफ से
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, प्राधिकरण के चेयरमैन सीईओ और थाना पुलिस को
शिकायत दी है।
कहा कि प्राधिकरण ने रायपुर के खसरा नंबर 459,461,462 और 490
आदि की जमीन अधिग्रहीत की थी। किसानों को मुआवजा दे दिया गया और प्राधिकरण
ने उस जमीन को आईटी कंपनियों को आवंटित कर दिया था।
शिकायत
में आरोप लगाया कि आईटी कंपनी के रास्ते पर दिल्ली के भूमाफिया ने फ्लैट
बनाने शुरू कर दिए। दो माह पहले रात में काम शुरू किया गया था।
इसकी शिकायत
थाना सेक्टर-39, प्राधिकरण के प्रोजेक्ट इंजीनियर समेत अन्य अधिकारियों से
भी की। आरोप लगाया कि अधिकारी मौके पर आए और बिना कुछ किए चले गए। अगले
सप्ताह संगठन के पदाधिकारी इसी मुद्दे को लेकर लखनऊ जाकर सीएम से मिलेंगे।
पहले भी हुआ विवाद
2008
में जमीन को लेकर विवाद हो चुका है। प्राधिकरण की जमीन को फर्जी तरीके से
बेच दिया गया था। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करके अगस्त 2008 में बेचने और
खरीदने वालों को गिरफ्तार भी किया था। बाद में बेचने वाले को पैसे वापस
करने पड़े थे।
प्राधिकरण की अधिग्रहीत जमीन पर किसी भी सूरत में कब्जा नहीं होने दिया जाएगा। कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अगर इसमें प्राधिकरण की मिलीभगत पाई गई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई होगी। - रमा रमण, सीईओ नोएडा प्राधिकरण