फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Construction of underpass connecting Bhairon Marg to Ring Road incomplete

Delhi: लेटलतीफी का शिकार भैरो मार्ग अंडरपास, अब नए सिरे से पीडब्ल्यूडी ने बनाई योजना, 2022 में होना था तैयार

Tue, 20 Aug 2024 07:44 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Tue, 20 Aug 2024 07:44 AM IST
सार

पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के मुताबिक, मार्च में रिंग रोड से भैरों मार्ग तक जाने वाले अंडरपास का 90 मीटर लंबा कैरिज-वे खोला गया। जबकि अभी तक भैरों मार्ग से रिंग रोड को जोड़ने वाले दूसरा हिस्सा पूरी तरह तैयार नहीं हो सका है।

विज्ञापन
Construction of underpass connecting Bhairon Marg to Ring Road incomplete
Delhi Traffic - फोटो : PTI

विस्तार

भैरों मार्ग को रिंग रोड से जोड़ने के लिए निर्माणाधीन अंडरपास से वाहनों की आवाजाही 2022 में शुरू होनी थी, लेकिन यह अब तक नहीं तैयार हो सका है। तकनीकी अड़चनों की वजह से इसका काम बेहद धीमी गति से चल रहा है। नतीजतन वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। व्यस्त समय में वाहन रेंगते हुए आगे बढ़ते हैं।

विज्ञापन


इसको देखते हुए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने योजना में बदलाव किया है। इसके तहत अंडरपास के एक कैरिज-वे की ऊंचाई तय मानक से करीब एक मीटर कम होगी। वहीं, यातायात के लिए चालू दूसरे कैरिज-वे को यथावत रखा गया है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के मुताबिक, मार्च में रिंग रोड से भैरों मार्ग तक जाने वाले अंडरपास का 90 मीटर लंबा कैरिज-वे खोला गया। जबकि अभी तक भैरों मार्ग से रिंग रोड को जोड़ने वाले दूसरा हिस्सा पूरी तरह तैयार नहीं हो सका है। वहीं, अस्थायी इंतजाम के तौर पर खोले गए कैरिज-वे पर बीच में बैरिकेड लगाकर दो भाग में बांटा गया।
विज्ञापन


एक लेन पर ही दोनों ओर की ट्रैफिक
मौजूदा समय में अंडरपास की रिंग रोड से भैरों मार्ग पर आने वाली लेन पर ही दोनों तरफ का यातायात चलाया जा रहा है। इसके लिए लेन के बीच में बैरिकेड लगाकर इसे दो लेन का बना दिया है। इसमें सीमित संख्या में ही वाहनों की आवाजाही हो पा रही है। वहीं भैरों मार्ग से रिंग रोड जाने वाली लेन को तैयार होने में अभी कई माह का समय लगेगा। साथ ही नई तकनीक के तहत तैयार हो रही लेन की ऊंचाई भी 5.5 मीटर से एक मीटर कम होगी। ऐसे में इसमें बड़े वाहनों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। कार और दोपहिया वाहन ही इसका उपयोग करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


निर्माण के दौरान बाक्स पुशिंग उपकरण जमीन में धंसा
इस अंडरपास पर निर्माण कार्य शुरू से ही चुनौतीपूर्ण रहा है। एक तो यह कि यह एक चालू रेलवे लाइन के नीचे से गुजरता है। ऐसे में निर्माण कार्य तभी किया जाता है जब ट्रेनें नहीं चल रही होती हैं। इसके बाद इस एक और बड़ी बाधा सामने आई। निर्माण के समय बॉक्स-पुशिंग उपकरण अटक गया। बॉक्स पुशिंग तकनीक में कंक्रीट के बाक्स को पहले से तैयार किया जाता है। फिर उसे हाइड्रोलिक जैक का उपयोग करके चालू रेल लाइनों के नीचे धकेला जाता है। इससे ट्रेन यातायात के दौरान निर्माण में कोई दिक्कत नहीं आती है। चूंकि अंडरपास यमुना नदी के नजदीक है ऐसे में वहां की मिट्टी नम है। इस स्थिति में बॉक्स-पुशिंग उपकरण डेढ़ मीटर तक जमीन में धंस गया। इसे ठीक करने के लिए रेल यातायात को बंद करने की जरूरत थी लेकिन यह संभव नहीं हो पाया है। ऐसे में अब कंक्रीट बॉक्स को समायोजित करने के लिए अंडरपास की ऊंचाई कम करने पर विचार किया जा रहा है। इसको लेकर आईआईटी दिल्ली से एक अध्ययन भी करवाया गया है। इसके आधार पर निर्माण कार्य किया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed