मुखी को चित्त करने के लिए कांग्रेस ने चला नया दांव
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जहां एक ओर दिल्ली का मुख्यमंत्री बनने की महत्वकांक्षा रखने वाले मुखी के लिए बीजेपी ने जनकपुरी जैसी सुरक्षित सीट की तलाश की तो वहीं दूसरी ओर अब मुखी की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं।
कांग्रेस ने उनके दामाद सुरेश कुमार को मुखी के खिलाफ ही विधानसभा चुनावों में टिकट देने के संभावनाओं पर जोर देना शुरु कर दिया है। पूरी संभावना हु कि मुखी को अपने दामाद के खिलाफ ही इस सीट से चुनावी जंग लड़नी पड़े।
वैसे तो मुखी ने भाजपा को टिकट के इस मामले पर समझाने की बहुत कोशिश की, लेकिन पार्टी इस मसले को यूं ही दरकिनार नहीं करना चाहती। पार्टी सूत्रों के मुताबिक बीजेपी को लगता है कि एक ही सीट पर जब एक ही परिवार के लोग चुनाव लड़ेंगे तो उन्हें नुकसान हो सकता है।
उनके आशीर्वाद के बिना नहीं जीत सकता
सुरेश कुमार से जब यह पूछा गया कि वह अपने ससुर के खिलाफ चुनाव कांग्रेस पार्टी से लड़ते हैं तो उन्हें कैसा लग रहा है। सुरेश ने जवाब दिया कि मैं उनके आशीर्वाद के बिना नहीं जीत सकता और वैसे भी चुनाव दो व्यक्तियों के बीच नहीं होता बल्कि दो पार्टियां और विचारधारएं चुनाव लड़ती हैं।
सुरेश कुमार ने ये भी कहा कि उन्होंने 16 साल तक बीजेपी का साथ दिया और वो इस नतीजे पर पहुंचे कि उन्होंने कांग्रेस में ही सही जगह मिल सकती है और वैसे भी दोनों की ही बीजेपी से टिकट नहीं मिल सकता था।
यहीं बात मुखी बीजेपी को समझा चुके हैं। वो पार्टी के सामने गांधी परिवार और सिंधिया परिवार का उदाहरण भी पेश कर चुके हैं, लेकिन फिलहाल पार्टी इस मामले पर रजामंदी देने के मूड में नहीं है।