केजरीवाल से मुकाबले के लिए ऐसे हो रही लवली की ब्रांडिंग
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लोकसभा चुनावों के बाद महाराष्ट्र और हरियाणा के चुनावों में भी बुरी तरह हारने वाली कांग्रेस ने अब दिल्ली में चुनावों की तैयारियां शुरू कर दी हैं। राजधानी में चुनाव कराने के लिए जहां आम आदमी पार्टी पहले ही मोर्चा खोले हुए हैं वहीं अब भाजपा ने भी इसके संकेत दिए हैं।
कांग्रेस ने दिल्ली के चुनाव में प्रदर्शन बेहतर करने के लिए एक खास रणनीति बनाई है। पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के दिल्ली की राजनीति से दूर होने के बाद अब कांग्रेस के लिए यहां मैदान मारना और कठिन लग रहा है।
शीला की कमी को पूरा करने और मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर प्रदेश अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली को सामने लाने के लिए भी कांग्रेस ने कवायद शुरू कर दी है। लवली की ब्रांडिंग के लिए कांग्रेस की मेहनत सोशल मीडिया पर साफ दिख रही है।
कांग्रेस ने निकाला लवली को रिपोर्ट कार्ड
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली को कांग्रेस कि ओर से दिल्ली के सीएम पद के लिए प्रोजेक्ट करने की मुहिम फेसबुक पर छिड़ी है। कांग्रेस ने दिल्ली में चुनाव की तैयारियां जोरशोर से शुरू कर दी हैं।
लवली की ब्रांडिंग के लिए शीला सरकार के दौरान कैबिनेट मंत्री रहते हुए किए गए उनके कामों को गिनाया जा रहा है। शिक्षा मंत्री, परिवहन मंत्री, शहरी विकास और राजस्व मंत्री के तौर पर लवली के कार्यों के पोस्टर जारी किए जा रहे हैं। सोशल मीडिया के जरिए लवली की छवि को और निखारने की कोशिश की जा रही है।
बता दें कि अरविदंर लवली 2003 में पहली बार शीला सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाए गए थे। इसके बाद वह लगातार दिल्ली सरकार में मंत्री रहे। लवली को 2013 के विधानसभा चुनावों में पार्टी की करारी हार के बाद प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर पार्टी की कमान सौंपी गई है।
कभी चुनाव नहीं हारे लवली
साल 1998 में पहली बार चुनाव लड़कर दिल्ली विधानसभा पहुंचे अरविंद लवली ने कभी हार नहीं झेली है। वह तब से लगातार चुनाव जीतते आ रहे हैं। 1998 में वह दिल्ली के सबसे युवा विधायक थे।
वर्ममान में दिल्ली की गांधीनगर सीट से विधायक अरविंदर लवली दिल्ली में डूबती हुई कांग्रेस को उबारने की कोशिश में लगे हैं। हालांकि लोकसभा चुनावों में पार्टी ने दिल्ली सभी सातों सीटें गवां दी।
अब राजधानी में दोबारा चुनाव होने की संभावना है। ऐसे में कांग्रेस ने अभी से युद्घस्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। लगातार हार की वजह से गिरती पार्टी की छवि को दोबारा वापस लाना भी लवली के लिए चुनौती होगी।
राज्यों के चुनावों में जीत से उत्साहित भाजपा जहां दिल्ली जीतने को भी बेताब दिख रही है तो वहीं आम आदमी पार्टी ने भी कमर कस रखा है। ऐसे में अगर कांग्रेस इन दोनों पार्टियों के मुकाबले राजधानी में बेहतर प्रदर्शन करती है तो यह चमत्कार से कम नहों होगा।
AAP भी चला रही अभियान
उधर, चुनावी आहट के साथ आम आदमी पार्टी भी पूरे जोरशोर से एक बार फिर सोशल मीडिया पर सक्रिय हो गई है। आप नेता जहां 49 दिनों की सरकार के कामों को गिना रहे हैं। वहीं, विधायक फंड से कराए गए कामों को ब्योरा भी दिया जा रहा है।
बुधवार को पार्टी के सोशल मीडिया पर चल रहे आधिकारिक अकाउंट पर चुनावों से जुड़े कई नारों के पोस्टर जारी किए गए। मसलन, दिल्ली दिल से, केजरीवाल फिर से, दिल्ली ने पुकारा केजरीवाल दोबारा, कौन सोया होगा सर्द रातों में, नारी के सम्मान को, फिर से बुला लो केजरीवाल को, जैसे नारों से पेज भरे पड़े हैं।
समर्थक और संयोजक अरविंद केजरीवाल के फॉलोअर इस तरह की पोस्ट को शेयर कर रहे हैं। वरिष्ठ नेता के मुताबिक, पार्टी जमीनी स्तर पर काम कर रही है। आप को लेकर लोगों की प्रतिक्रिया सकारात्मक है।
हालांकि थोड़ी नाराजगी इस्तीफे की वजह से है। जमीनी स्तर पर काम करने वाले नेताओं व कार्यकर्ताओं को अमूमन इस सवाल का जवाब देना पड़ता है।