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Delhi: क्या दिल्ली में लग सकता है राष्ट्रपति शासन? देश की सबसे पुरानी पार्टी ने कर दी ये मांग
Sat, 20 May 2023 09:31 PM IST
अनुज कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: अनुज कुमार
Updated Sat, 20 May 2023 09:31 PM IST
सार
दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष चौधरी अनिल कुमार ने कहा कि केजरीवाल सरकार की निष्क्रियता, दिल्ली में बिगड़ती प्रशासनिक व्यवस्था और अस्थिरता की स्थिति है। दिल्ली सरकार को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लागू किया जाए।
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दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष चौधरी अनिल कुमार
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने दिल्ली में बिगड़ती प्रशासनिक व्यवस्था और सरकार की अस्थिरता को देखते हुए राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की है। कहा है कि प्रशासनिक अधिकारियों के ट्रांसफर पोस्टिंग पर आम आदमी पार्टी और भाजपा में छिड़ी जंग के कारण दिल्ली में अराजकता का माहौल बन गया है। मंत्री सौरभ भारद्वाज प्रशासनिक व्यवस्था पर नियंत्रण करने की बजाय अधिकारियों को जबरन काम के लिए धमका रहे है।
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उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली के इतिहास में पहली घटना है। जब दिल्ली के मंत्रियों ने मुख्य सचिव सर्विसेस पदेन प्रशासनिक अधिकारियों के ट्रांसफर ऑर्डर के लिए उपराज्यपाल निवास पर धरना दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष चौधरी अनिल कुमार ने कहा कि दिल्ली सरकार को बर्खास्त कर देना चाहिए। केजरीवाल के मंत्री अधिकारियों को धमकी दे रहे हैं, इससे पूर्व भी 19 फरवरी 2018 को मुख्यमंत्री निवास पर मुख्य सचिव को मीटिंग के लिए बुलाकर उनके साथ मारपीट की गई। यह मामला कोर्ट में चल रहा है।
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तानाशाह रवैये के कारण अधिकारी भय के माहौल में जी रहे है। दिल्ली की जनता की अनदेखी हो रही है। सरकार की निष्क्रियता के कारण के दिल्ली में प्रशासनिक व्यवस्था बदहाल हो गई है। इसलिए दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लगना चाहिए। चुनी हुई सरकार को संवैधानिक शक्तियों का प्रयोग करने का अधिकार लोकतांत्रिक व्यवस्था के अंतर्गत ही करना चाहिए। परंतु दिल्ली सरकार प्रतिशोध की भावना से काम कर रही है। असली चेहरा दिल्ली की जनता के समक्ष उजागर हो चुकी है। इनके 80 प्रतिशत विधायकों पर अपराधिक और अन्य मामले चल रहे हैं और 6 से अधिक मंत्रियों को भ्रष्टाचार के कारण पद से हटाया गया। जबकि सत्येन्द्र जैन और मनीष सिसोदिया शराब घोटाले के करोड़ो के भ्रष्टाचार में जेल में बंद हैं।
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